सरकार ने दूर की बाहुबली की नाराजगी,बेटा समिति में सेट:संजय सरावगी, उमेश सिंह कुशवाहा को राज्य मंत्री का दर्जा; अनंत सिंह की पत्नी भी सदस्य

सरकार ने दूर की बाहुबली की नाराजगी,बेटा समिति में सेट:संजय सरावगी, उमेश सिंह कुशवाहा को राज्य मंत्री का दर्जा; अनंत सिंह की पत्नी भी सदस्य

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में सियासी समीकरणों को साधने और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा ‘राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ का पुनर्गठन किया गया है। इस समिति में कई प्रमुख चेहरों को जगह देकर असंतुष्ट नेताओं को शांत करने और नए समीकरण बैठाने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री खुद होंगे अध्यक्ष, दो उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा पुनर्गठित समिति की कमान खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों में होगी, जो इसके अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को समिति का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति में दो उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं, जिनमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा शामिल हैं। इन दोनों ही उपाध्यक्षों को बिहार सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। चेतन आनंद को मिली जगह, पिता की नाराजगी होगी दूर? समिति के पुनर्गठन में सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण नाम जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक चेतन आनंद का है, जिन्हें इस समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। वे बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे हैं। चेतन आनंद वर्तमान में औरंगाबाद जिले के नबीनगर से विधायक हैं। इससे पहले वे शिवहर सीट से आरजेडी के विधायक थे और 2024 में पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने से उनके पिता आनंद मोहन काफी नाराज चल रहे थे और उन्होंने जेडीयू के कुछ वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जमकर बयानबाजी भी की थी। आनंद मोहन ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार को ‘चांडाल चौकड़ी’ ने घेर रखा है और जेडीयू एक ‘थैली की पार्टी’ बनकर रह गई है। चेतन आनंद शुरुआत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की कोर टीम (‘टीम निशांत’) का हिस्सा थे। कयास लग रहे थे कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन ऐसा न होने से उपजी राजनीतिक तल्खी को दूर करने के लिए अब सम्राट सरकार ने चेतन आनंद को इस बड़ी समिति में सेट कर राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी सहित इन सदस्यों को मिली जगह समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के अतिरिक्त 12 सदस्य बनाए गए हैं। इनमें मोकामा के बाहुबली जेडीयू विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनके अलावा समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में ये नाम शामिल हैं: सदस्यों को मिलेगा उपमंत्री का दर्जा और सुविधाएं बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा कल देर रात इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। नियमों के मुताबिक, राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्यों को उपमंत्री का दर्जा दिया जाता है। इसके तहत जो सदस्य विधायक या एमएलसी हैं, उन्हें बिहार विधानमंडल के सदस्य के रूप में मिलने वाले वेतन, भत्ते और सुविधाएं तो पूर्ववत मिलती ही रहेंगी, साथ ही उपमंत्री का दर्जा मिलने के कारण उन्हें सरकार से अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। वहीं, दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में सियासी समीकरणों को साधने और राजनीतिक संतुलन बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार द्वारा ‘राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति’ का पुनर्गठन किया गया है। इस समिति में कई प्रमुख चेहरों को जगह देकर असंतुष्ट नेताओं को शांत करने और नए समीकरण बैठाने की कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री खुद होंगे अध्यक्ष, दो उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा पुनर्गठित समिति की कमान खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों में होगी, जो इसके अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को समिति का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति में दो उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं, जिनमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा शामिल हैं। इन दोनों ही उपाध्यक्षों को बिहार सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। चेतन आनंद को मिली जगह, पिता की नाराजगी होगी दूर? समिति के पुनर्गठन में सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण नाम जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक चेतन आनंद का है, जिन्हें इस समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। वे बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे हैं। चेतन आनंद वर्तमान में औरंगाबाद जिले के नबीनगर से विधायक हैं। इससे पहले वे शिवहर सीट से आरजेडी के विधायक थे और 2024 में पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, चेतन आनंद को मंत्री न बनाए जाने से उनके पिता आनंद मोहन काफी नाराज चल रहे थे और उन्होंने जेडीयू के कुछ वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जमकर बयानबाजी भी की थी। आनंद मोहन ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार को ‘चांडाल चौकड़ी’ ने घेर रखा है और जेडीयू एक ‘थैली की पार्टी’ बनकर रह गई है। चेतन आनंद शुरुआत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की कोर टीम (‘टीम निशांत’) का हिस्सा थे। कयास लग रहे थे कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन ऐसा न होने से उपजी राजनीतिक तल्खी को दूर करने के लिए अब सम्राट सरकार ने चेतन आनंद को इस बड़ी समिति में सेट कर राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी सहित इन सदस्यों को मिली जगह समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के अतिरिक्त 12 सदस्य बनाए गए हैं। इनमें मोकामा के बाहुबली जेडीयू विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनके अलावा समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में ये नाम शामिल हैं: सदस्यों को मिलेगा उपमंत्री का दर्जा और सुविधाएं बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा कल देर रात इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। नियमों के मुताबिक, राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सभी सदस्यों को उपमंत्री का दर्जा दिया जाता है। इसके तहत जो सदस्य विधायक या एमएलसी हैं, उन्हें बिहार विधानमंडल के सदस्य के रूप में मिलने वाले वेतन, भत्ते और सुविधाएं तो पूर्ववत मिलती ही रहेंगी, साथ ही उपमंत्री का दर्जा मिलने के कारण उन्हें सरकार से अतिरिक्त सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। वहीं, दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री स्तर की सुविधाएं दी जाएंगी।  

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