दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक मानसिक रूप से कमजोर और मूक-बधिर किशोरी हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। घटना कलिगांव पंचायत के चौर की है, जहां से 4 लाख वोल्टेज की बिजली लाइन गुजरती है। किशोरी की पहचान किशोरी दास की 14 वर्षीय पुत्री धनवंती कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि वह दोपहर करीब तीन बजे भैंस चराने के लिए चौर में गई थी। शाम करीब चार बजे ग्रामीणों ने उसे हाईटेंशन टावर पर चढ़ते देखा, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते वह टावर के सबसे ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई। मूक-बधिर होने के कारण नहीं सुन पा रही थी लोगों की आवाज घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और किशोरी को नीचे उतरने के लिए आवाज लगाने लगे, लेकिन मूक-बधिर होने के कारण वह किसी की बात नहीं सुन पा रही थी। सूचना मिलने पर सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष बसंत कुमार और एसआई विक्रांत कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बिजली आपूर्ति बंद कर चलाया गया अभियान किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए दरभंगा से सीतामढ़ी जाने वाली 4 लाख वोल्टेज की बिजली लाइन की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। पुलिस और स्थानीय लोगों के प्रयास से करीब चार से पांच घंटे बाद किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारा गया। धनवंती की मां इंद्रा देवी ने बताया कि उनकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ मूक-बधिर भी है। उसके पिता बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। मां ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि धनवंती टावर पर क्यों चढ़ गई। चिढ़ाने की बात भी आई सामने ग्रामीणों और पुलिस के अनुसार, किसी ने धनवंती को “गूंगी” कहकर चिढ़ाया था, जिससे नाराज होकर वह टावर पर चढ़ गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक टावर पर चढ़ने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। उपचार के बाद घर भेजी गई किशोरी टावर से नीचे उतरने के बाद धनवंती बार-बार बेहोश हो रही थी। इसके बाद थानाध्यक्ष बसंत कुमार उसे तुरंत सिंहवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां तैनात डॉक्टर कृष्ण मोहन यादव ने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर थी। उसकी धड़कन कमजोर थी और रक्तचाप भी कम हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ, जिसके बाद उसे परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक मानसिक रूप से कमजोर और मूक-बधिर किशोरी हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। घटना कलिगांव पंचायत के चौर की है, जहां से 4 लाख वोल्टेज की बिजली लाइन गुजरती है। किशोरी की पहचान किशोरी दास की 14 वर्षीय पुत्री धनवंती कुमारी के रूप में हुई है। बताया गया कि वह दोपहर करीब तीन बजे भैंस चराने के लिए चौर में गई थी। शाम करीब चार बजे ग्रामीणों ने उसे हाईटेंशन टावर पर चढ़ते देखा, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते वह टावर के सबसे ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई। मूक-बधिर होने के कारण नहीं सुन पा रही थी लोगों की आवाज घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और किशोरी को नीचे उतरने के लिए आवाज लगाने लगे, लेकिन मूक-बधिर होने के कारण वह किसी की बात नहीं सुन पा रही थी। सूचना मिलने पर सिंहवाड़ा थाना अध्यक्ष बसंत कुमार और एसआई विक्रांत कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बिजली आपूर्ति बंद कर चलाया गया अभियान किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए दरभंगा से सीतामढ़ी जाने वाली 4 लाख वोल्टेज की बिजली लाइन की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। पुलिस और स्थानीय लोगों के प्रयास से करीब चार से पांच घंटे बाद किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारा गया। धनवंती की मां इंद्रा देवी ने बताया कि उनकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ मूक-बधिर भी है। उसके पिता बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। मां ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि धनवंती टावर पर क्यों चढ़ गई। चिढ़ाने की बात भी आई सामने ग्रामीणों और पुलिस के अनुसार, किसी ने धनवंती को “गूंगी” कहकर चिढ़ाया था, जिससे नाराज होकर वह टावर पर चढ़ गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी तक टावर पर चढ़ने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। उपचार के बाद घर भेजी गई किशोरी टावर से नीचे उतरने के बाद धनवंती बार-बार बेहोश हो रही थी। इसके बाद थानाध्यक्ष बसंत कुमार उसे तुरंत सिंहवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां तैनात डॉक्टर कृष्ण मोहन यादव ने बताया कि बच्ची की हालत गंभीर थी। उसकी धड़कन कमजोर थी और रक्तचाप भी कम हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ, जिसके बाद उसे परिजनों के साथ घर भेज दिया गया।


