आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित फायरिंग और हत्या के प्रयास मामले में पुलिस दबिश का असर अब साफ दिखने लगा है। लंबे समय से फरार चल रहे नामजद आरोपी ने आखिरकार गुरुवार को आरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिसकी पहचान श्री टोला निवासी जय प्रकाश यादव के तौर पर हुई है। घटना 11 दिसंबर 2025 की शाम की है। जब श्रीटोला निवासी रघुरंजन कुमार अपने भाई रिशु रंजन और दोस्तो आकाश कुमार, आशीष कुमार के साथ प्राइवेट बस स्टैंड के पास पानी-पुरी खाने गया था। आरोप है कि इसी दौरान पवन कुमार उर्फ ढेलु ने फोन कर उसे बस स्टैंड के अंदर बुलाया, जहां पहले से मौजूद युवकों के साथ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते गाली-गलौज मारपीट और फिर फायरिंग में बदल गई। गोली लगने से आशीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि रॉड से हमले में रिशु रंजन जख्मी हो गया था। इस मामले में रघुरंजन कुमार के बयान पर जय प्रकाश यादव समेत सात लोगों के खिलाफ नवादा थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मुख्य आरोपी का कोर्ट में सरेंडर नवादा थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी ने बताया कि इस मामले में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अब मुख्य फरार आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज किया घायल रघुरंजन ने बताया कि घटना की शाम करीब 6:15 बजे वह अपने भाई रिशु रंजन और दोस्तों के साथ बस स्टैंड के पास गोलगप्पा खा रहा था। इसी दौरान पवन उर्फ ढेलू के फोन पर बुलावे के बाद वह बस स्टैंड के अंदर पहुंचा, जहां सभी नामजद आरोपी पहले खड़े थे। पवन ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा कि इन्हीं लोगों के कारण शराब का धंधा बंद हुआ है। विरोध करने पर स्थिति बिगड़ गई और इसी दौरान राहुल यादव ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी, जिसमें आशीष कुमार गोली लगने से घायल हो गया। वहीं भोला, प्रकाश और अंशु ने लोहे के रॉड से हमला कर रघुरंजन और रिशु रंजन को घायल कर दिया। रघुरंजन के अनुसार, नौ दिसंबर को उसके दादा के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान भी आरोपी शराब बेच रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ा था। आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित फायरिंग और हत्या के प्रयास मामले में पुलिस दबिश का असर अब साफ दिखने लगा है। लंबे समय से फरार चल रहे नामजद आरोपी ने आखिरकार गुरुवार को आरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिसकी पहचान श्री टोला निवासी जय प्रकाश यादव के तौर पर हुई है। घटना 11 दिसंबर 2025 की शाम की है। जब श्रीटोला निवासी रघुरंजन कुमार अपने भाई रिशु रंजन और दोस्तो आकाश कुमार, आशीष कुमार के साथ प्राइवेट बस स्टैंड के पास पानी-पुरी खाने गया था। आरोप है कि इसी दौरान पवन कुमार उर्फ ढेलु ने फोन कर उसे बस स्टैंड के अंदर बुलाया, जहां पहले से मौजूद युवकों के साथ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते गाली-गलौज मारपीट और फिर फायरिंग में बदल गई। गोली लगने से आशीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि रॉड से हमले में रिशु रंजन जख्मी हो गया था। इस मामले में रघुरंजन कुमार के बयान पर जय प्रकाश यादव समेत सात लोगों के खिलाफ नवादा थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मुख्य आरोपी का कोर्ट में सरेंडर नवादा थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी ने बताया कि इस मामले में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अब मुख्य फरार आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज किया घायल रघुरंजन ने बताया कि घटना की शाम करीब 6:15 बजे वह अपने भाई रिशु रंजन और दोस्तों के साथ बस स्टैंड के पास गोलगप्पा खा रहा था। इसी दौरान पवन उर्फ ढेलू के फोन पर बुलावे के बाद वह बस स्टैंड के अंदर पहुंचा, जहां सभी नामजद आरोपी पहले खड़े थे। पवन ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा कि इन्हीं लोगों के कारण शराब का धंधा बंद हुआ है। विरोध करने पर स्थिति बिगड़ गई और इसी दौरान राहुल यादव ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी, जिसमें आशीष कुमार गोली लगने से घायल हो गया। वहीं भोला, प्रकाश और अंशु ने लोहे के रॉड से हमला कर रघुरंजन और रिशु रंजन को घायल कर दिया। रघुरंजन के अनुसार, नौ दिसंबर को उसके दादा के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान भी आरोपी शराब बेच रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ा था।


