Rajasthan SI Exam Paper Leak: जयपुर: राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े और पेपर लीक मामलों पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एसओजी ने दो अलग-अलग कार्रवाईयों के तहत सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन ड्राइवर को और वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में एक इनामी डमी अभ्यर्थी (शिक्षक) को गिरफ्तार किया है।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, SI भर्ती परीक्षा-2021 मामले में आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के तत्कालीन सरकारी वाहन चालक नादान सिंह राठौड़ (निवासी गेगल, अजमेर) को गिरफ्तार किया गया है। नादान सिंह पर आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे अजय प्रताप सिंह को अवैध लाभ दिलाने के लिए षड्यंत्र रचा।
इस तरह लीक हुआ पेपर
- बाबूलाल कटारा ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र और उत्तर अपने भांजे विजय कुमार डामोर को दिए थे।
- यही प्रश्न-उत्तर बाद में ड्राइवर नादान सिंह तक पहुंचे, जिसने अपने बेटे अजय प्रताप को परीक्षा से पहले इनकी तैयारी करवाई।
- पेपर लीक की मदद से अजय प्रताप ने हिंदी में 200 में से 174.28 और सामान्य ज्ञान में 200 में से 150.2 अंक हासिल किए।
- एसओजी आरोपी बेटे अजय प्रताप को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं मंगलवार को उसके पिता नादान सिंह को भी दबोच लिया गया।
- इस पूरे मामले में अब तक 141 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
फोटो मैचिंग तकनीक से हुआ खुलासा
जांच में सामने आया कि मध्यस्थ दर्शनलाल मीणा उर्फ रामप्रकाश ने इस फर्जीवाड़े की साजिश रची थी। मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार मीणा (निवासी करौली) ने मनोहरलाल मांजू को 5 लाख देकर अपनी जगह परीक्षा दिलवाई और वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) के पद पर चयन पा लिया।
एएसपी प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एसओजी ने उन्नत फोटो मैचिंग तकनीक का उपयोग कर डमी अभ्यर्थी मनोहरलाल की सटीक पहचान की और उसे गिरफ्तार किया। मूल अभ्यर्थी अनिल को भी पहले ही पकड़ा जा चुका है।
गौरतलब है कि यह वही परीक्षा है, जिसका 24 दिसंबर 2022 को होने वाला सामान्य ज्ञान का पेपर लीक के कारण निरस्त हुआ था और दोबारा 29 जनवरी 2023 को आयोजित किया गया था। फिलहाल, एसओजी इस गिरोह के अन्य बिचौलियों की तलाश कर रही है।


