प्रयागराज: पूरे प्रदेश के 44 जिलों में गुरुवार को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान गणित व करंट अफेयर्स के कुछ सवालों ने अभ्यर्थियों के पसीने छुड़ा दिए। हालांकि, कुछ ऐसे सवाल भी थे जिन्होंने अभ्यर्थियों की मौज कर दी। परीक्षा छूटने के बाद कई अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर काफी कठिन बना हुआ था। इस वजह से कुछ अभ्यर्थी पूरे प्रश्न पत्र को हल नहीं कर पाए।
पूछा गया ‘बहती गंगा में हाथ धोने’ का अर्थ
दरअसल, गुरुवार को प्रदेश के 44 जिलों में लेखपाल भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। बताया जा रहा है कि प्रश्न पत्र में कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे, जिनमें हिंदी, जनरल नॉलेज, करंट अफेयर्स, गणित और कंप्यूटर से जुड़े सवाल थे। हिंदी सेक्शन में कुछ सवाल ऐसे भी थे जिन्होंने अभ्यर्थियों की मौज कर दी, जिसमें ‘बहती गंगा में हाथ धोना’ जैसे मुहावरे का अर्थ भी पूछा गया। वहीं, आईसीसी महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2025 और शिखर सम्मेलन 2026 से जुड़े प्रश्न ने अभ्यर्थियों को उलझा कर रखा।
इस दौरान अर्थ जगत और बैंकिंग से जुड़े सवालों ने भी अभ्यर्थियों की पसीने छुड़ा दिए। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र में फ्रंटियर गांधी और चंद्रप्रभा नदी से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे, जिसको हल करने में उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसके अलावा आईटी सेक्टर से जुड़े भी सवाल थे। अभ्यर्थी ने बताया कि हिंदी और जनरल नॉलेज के सवाल कुछ हद तक सहूलियत भरे थे, जिन्हें हल करने में उन्हें परेशानी नहीं हुई, लेकिन गणित सेक्शन में आए सवाल अधिक समय लेने वाले थे।
861 केंद्रों पर हुई परीक्षा
बता दें कि प्रदेश के 44 जिलों में 861 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। वहीं 3,66,712 में से 3,01,756 उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, प्रयागराज में 85 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र में उपस्थिति दर्ज करवाई। इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए आए अभ्यर्थियों की वजह से ट्रेनों में चढ़ने तक की जगह नहीं मिली। प्रयागराज जिले में पड़ने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई। सबसे ज्यादा पूर्वांचल और बिहार जाने वाली ट्रेनों में भीड़ देखने को मिली। सामान्य कोच में तो यात्रियों के पैर रखने तक की जगह नहीं थी।


