लखनऊ में मनमानी फीस वसूली के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में 20 स्कूलों के खिलाफ आई शिकायतों की समीक्षा की गई, जिसमें 8 शिकायतें सही पाई गईं। इन स्कूलों को अब नोटिस जारी कर 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
20 स्कूलों के खिलाफ 28 शिकायतें, 8 सही पाईं गईं जिला शुल्क नियामक समिति की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद के 20 स्कूलों के खिलाफ कुल 28 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच के बाद इनमें से 8 शिकायतें सही पाई गईं, जबकि बाकी मामलों में आरोप साबित नहीं हो सके।
दो स्कूलों ने मानी गलती, फीस समायोजन का आश्वासन जांच में दोषी पाए गए स्कूलों में से 2 स्कूलों ने अपनी त्रुटि स्वीकार कर ली है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बढ़ाई गई फीस का समायोजन अगले माह किया जाएगा, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
8 स्कूलों को नोटिस, 1 जून तक मांगा जवाब जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन 8 स्कूलों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर पूछा जाए कि उनके खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना क्यों न लगाया जाए। सभी स्कूलों को 1 जून 2026 तक अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।
इन स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें सही पाई गई हैं, उनमें एलन हाउस पब्लिक स्कूल, सीलवती आइडियल पब्लिक स्कूल, आश्रम एकेडमी, हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज, सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज, सेठ एमआर जयपुरिया गोयल कैंपस, ब्राइट वे इंटर कॉलेज और केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल शामिल हैं।
डीएम बोले-फीस नियमों का सख्ती से पालन हो जिलाधिकारी विशाख जी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अभिभावक हितैषी बनाना प्राथमिकता है। किसी भी स्कूल द्वारा मनमानी फीस बढ़ोतरी या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।


