मानसून 2026 को लेकर बुरी खबर, यहां लगा ब्रेक: बांदा में 47.6 डिग्री, प्रयागराज 46 डिग्री के पार

मानसून 2026 को लेकर बुरी खबर, यहां लगा ब्रेक: बांदा में 47.6 डिग्री, प्रयागराज 46 डिग्री के पार

Monsoon 2026 slowed down: मानसून 2026 की रफ्तार में पिछले तीन दिनों से ब्रेक लग गया है 18 मई से एक ही जगह स्थिर है। जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बांदा एक बार फिर प्रदेश में सबसे गर्म जिला रहा। यहां का अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री दर्ज किया गया है। इसके बाद प्रयागराज, हमीरपुर, वाराणसी, आगरा, झांसी, कानपुर, मथुरा-वृंदावन जिलों का तापमान क्रमशः घटते क्रम में दर्ज किया गया है। मानसून की रफ्तार में कमी आने के कारण भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है।

बांदा, प्रयागराज, हमीरपुर, बनारस का तापमान 45 के ऊपर

उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। बीते बुधवार को बांदा 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला घोषित किया गया। प्रयागराज का भी तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस  दर्ज किया गया है। हमीरपुर और वाराणसी बीएचयू (BHU) का तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस रहा। झांसी और आगरा में 44.8 डिग्री, कानपुर एयरफोर्स 44.2 डिग्री जबकि मथुरा-वृंदावन में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?

सीएसए (CSA) कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार बांदा लगातार सबसे अधिक तापमान के साथ प्रदेश में नंबर वन बना हुआ है। फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद भी नहीं है। प्रदेश में लू और गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। लोगों को दोपहर में घर से निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

क्या कहता है मानसून 2026 को लेकर मौसम विभाग?

मौसम विभाग आईएमडी (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 3 दिनों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार थम गई है। 18 मई के बाद से मानसून एक जगह स्थिर है, आगे नहीं बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून उत्तरी सीमा से होकर गुजर रहा है, जो 18 मई से एक ही जगह स्थिर है।

राहत कब मिलेगी

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों में दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, अंडमान सागर के शेष हिस्सों और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में मानसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। यानी 24-25 मई के आसपास मानसून 2026 के फिर सक्रिय होने की संभावना है।

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