पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड ढेर: पीओके में अल-बद्र कमांडर हमजा बुरहान की दफ्तर में घुसकर गोली मारकर हत्या

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड ढेर: पीओके में अल-बद्र कमांडर हमजा बुरहान की दफ्तर में घुसकर गोली मारकर हत्या

Pulwama Attack Mastermind Killed: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले की साजिश से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान उर्फ ‘डॉक्टर’ की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावर उसके दफ्तर में घुसे और बेहद करीब से कई गोलियां दाग दीं। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हमजा बुरहान आतंकी संगठन अल-बद्र का प्रमुख कमांडर था और लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद के साथ मिलकर घाटी में आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे आतंकवादी घोषित किया था।

पुलवामा हमले की साजिश में था शामिल

हमजा बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार था। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के खरबतपोरा, रत्नीपोरा गांव का रहने वाला था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, 14 फरवरी 2019 को पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आत्मघाती हमले की साजिश तैयार करने में उसने अहम भूमिका निभाई थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।

बताया जाता है कि हमजा ने आतंकियों को इलाके की पूरी जानकारी दी थी और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सर्विस रोड के जरिए विस्फोटकों से भरी गाड़ी को काफिले तक पहुंचाने का सुझाव भी उसी ने दिया था।

पाकिस्तान भागकर बना अल-बद्र कमांडर

पुलवामा हमले के बाद हमजा वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान चला गया था। वहां पीओके में उसने आतंकी संगठन अल-बद्र जॉइन किया और बाद में उसे कमांडर बना दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, उसने कश्मीर के कई युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल करवाया और उन्हें प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेजने का काम भी किया।

मुजफ्फराबाद में रहते हुए उसने खुद को एक शिक्षक के रूप में पेश किया था, ताकि उसकी असली गतिविधियों पर किसी को शक न हो।

पहलगाम हमले में भी लॉजिस्टिक सपोर्ट का आरोप

सूत्रों का दावा है कि हाल में हुए पहलगाम आतंकी हमले में भी हमजा बुरहान ने आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया था। बताया जा रहा है कि उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से सुरक्षा भी मिली हुई थी।

पाकिस्तान में लगातार मारे जा रहे आतंकी

पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकियों की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या हो चुकी है। वर्ष 2022 से अब तक करीब 27 आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है।

हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई बड़े नाम भी निशाने पर आए हैं। इनमें जैश संस्थापक आमिर हमजा और मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर का नाम भी शामिल है।

इन लगातार हो रही हत्याओं के बाद पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के बीच दहशत का माहौल बताया जा रहा है।

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