UP Metro News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आस-पास के जिलों में रहने वालों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। दिल्ली-NCR की तर्ज पर अब यूपी में भी स्टेट कैपिटल रीजन यानी राज्य राजधानी क्षेत्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस पूरे इलाके के विकास के लिए 29 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अगुवाई में हुई एक मीटिंग में इस मेगा प्लान पर मुहर लगी। इस पूरी योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि लखनऊ और उसके आस-पास के इलाकों को जोड़ने के लिए 150 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इन जिलों को मिलाकर बनाया जाएगा हब
सरकार लखनऊ के साथ उसके 5 पड़ोसी जिलों को जोड़कर एक बड़ा बिजनेस और ट्रांसपोर्ट हब बनाने जा रही है। इस नए रीजन में ये 6 जिले शामिल होंगे- लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई।
इन सभी जिलों को आपस में जोड़ने के लिए ‘राज्य राजधानी माला’ नाम से शानदार सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इससे इन शहरों के बीच आना-जाना बहुत जल्दी और आसान हो जाएगा।
गांवों तक पहुंचेंगी सुविधाएं, थमेगा बड़े शहरों की ओर पलायन
इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा गांवों और छोटे कस्बों में रहने वाले लोगों को होगा। जब गांवों तक शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं और तेज कनेक्टिविटी पहुंचेगी, तो लोगों को अपने ही इलाके में रोजगार और बिजनेस के नए मौके मिलेंगे। इससे युवाओं का बड़े शहरों की तरफ होने वाला पलायन काफी हद तक रुक सकेगा।
नए उद्योगों और बिजनेस से आएगा बड़ा निवेश
इस पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिर्फ सड़कें और मेट्रो ही नहीं, बल्कि नए उद्योग भी लगाए जाएंगे। इसके तहत बड़े-बड़े लॉजिस्टिक पार्क और फूड पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किनारे विशेष इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां आकर निवेश कर सकें।
जानिए कहां-कहां से गुजरेगी नई मेट्रो
आने वाले समय में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए लखनऊ में 10 नए मेट्रो रूट (कॉरिडोर) बनाने को मंजूरी दे दी गई है। यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन को इसकी पूरी डिटेल में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरा काम ‘विकसित भारत 2047’ के तहत चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
इस योजना में शहर के सभी प्रमुख इलाकों जैसे एयरपोर्ट, आईआईएम (IIM), चारबाग और इंदिरा नगर को तो जोड़ा ही जाएगा लेकिन इसके साथ ही जानकीपुरम, मोहनलालगंज, बंथरा और बाराबंकी रोड जैसे नए इलाकों तक भी मेट्रो पहुंचेगी।
कहां और कितनी लंबी बनेगी नई मेट्रो लाइन
कल्ली पश्चिम से आईएम: यह सबसे लंबा रूट होगा, जिसकी लंबाई करीब 45 किलोमीटर होगी।
सीजी सिटी से सीसीएस एयरपोर्ट: इस रूट की लंबाई 19.8 किलोमीटर होगी।
राजाजीपुरम से आईएम: यहां 18.42 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनेगी।
चारबाग से कल्ली पश्चिम: इस रूट पर 13 किलोमीटर लंबी मेट्रो चलेगी।
सीसीएस एयरपोर्ट से बंथरा: यहां 11 किलोमीटर का ट्रैक तैयार किया जाएगा।
इंदिरा नगर से अनोरा कला: इस रूट की लंबाई 9.27 किलोमीटर होगी।
इंदिरा नगर से सीजी सिटी: यहां 7.7 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनेगी।
मुंशीपुलिया से जानकीपुरम: इस इलाके के लोगों के लिए 6.29 किलोमीटर का रूट बनेगा।
कल्ली पश्चिम से मोहनलालगंज: यहां 06 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन प्रस्तावित है।
ये सभी रूट साल 2047 तक अलग-अलग फेज में बजट और प्लानिंग के हिसाब से तैयार किए जाएंगे, जिससे लखनऊ और आस-पास का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बहुत मजबूत और आसान हो सकें।


