नालंदा में लैविश लाइफ का झांसा देकर बच्ची का अपहरण:महिला जबरन कराने लगी देहव्यापार; नाबालिग बोली-घर से 2km दूर रखा, 10 लोगों के पास भेजा

नालंदा में लैविश लाइफ का झांसा देकर बच्ची का अपहरण:महिला जबरन कराने लगी देहव्यापार; नाबालिग बोली-घर से 2km दूर रखा, 10 लोगों के पास भेजा

नालंदा में 11 दिनों तक 14 साल की लड़की से जबरन देहव्यापार कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मंगलवार को नाबालिग का रेस्क्यू किया। साथ ही तीन महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नाबालिग को 7 मई को उस वक्त किडनैप किया गया था, जब वो स्कूल जा रही थी। किडनैप करने के बाद आरोपियों ने नाबालिग को उसके घर से मात्र 2 किलोमीटर दूर एक मकान में रखा था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी महिला पहले भी जबरन महिलाओं, लड़कियों से देहव्यापार कराने के मामले में शामिल रही है, उसे जेल भी भेजा जा चुका है। नाबालिग के 7 मई को स्कूल के लिए घर से निकलने और शाम तक वापस नहीं आने के बाद उसकी मां की ओर से लहेरी थाना में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए लहेरी पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बच्ची को जेपी हॉस्पिटल के पीछे नालंदा कॉलोनी में रेखा देवी नामक महिला ने अपने घर में रखा है और उससे देहव्यापार कराया जा रहा है। सूचना के बाद नाबालिग को बरामद कर महिला समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला नाबालिग की मां दिव्यांग है, जबकि उसके पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। नाबालिग दो बहनों में छोटी है। नाबालिग की मां ने बताया कि पति की मौत के बाद मैं शहर के एक इलाके में भुट्टा बेचती हूं। बेटी कभी-कभी मेरे साथ दुकान पर रहती थी। वो स्कूल में पढ़ाई करती है। 7 मई को हर दिन की तरह स्कूल के लिए निकली, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। पड़ोसियों की मदद से मैंने अपनी बेटी की काफी तलाश की, स्कूल में पता किया तो जानकारी मिली कि बेटी स्कूल नहीं गई थी। नाबालिग की मां के मुताबिक, उन्होंने बेटी को उसकी सहेलियों के घर भी तलाशा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। जब देर रात हो गई और बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो एक रिश्तेदार से कहा, पुलिस से शिकायत कर दीजिए। इसके बाद मैं अपने परिचितों के साथ लहेरी थाना पहुंची। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक को सारी बातें बताई। जिसके बाद उन्होंने अपहरण से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और जांच पड़ताल शुरू कर दी। 7 से 18 मई तक बेटी को तलाशती रही, लेकिन कुछ पता नहीं चला नाबालिग की मां ने बताया कि पुलिस से शिकायत के बाद मैं लगातार बेटी की तलाश में जुटी थी। उधर, पुलिस भी मेरी बेटी की तलाश में जुटी थी। नाबालिग की मां ने बताया कि मंगलवार को मुझे पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि आपकी बेटी का रेस्क्यू कर लिया गया है। इसके बाद मैं थाना पहुंची। उन्होंने बताया कि बेटी ने मुझे अपनी आपबीती बताई और कहा कि मुझसे जबरन गलत काम कराया जा रहा था। उसने ये भी बताया कि मुझे गरीबी से निकालने का झांसा दिया गया था, मैं महिला की बातों में आ गई। अब पढ़िए, नाबालिग ने अपनी आपबीती में क्या बताया नाबालिग ने बताया कि पिता की पहले मौत हो चुकी है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। घर में मैं और मेरी मां है। मां शहर में ही एक जगह भुट्टे की दुकान लगाती है। कभी-कभी स्कूल से छुट्टी के बाद मैं सीधे मां की दुकान पर पहुंच जाती थी। नाबालिग ने बताया कि दुकान पर एक शख्स अक्सर आता था। उसने धीरे-धीरे मुझसे बात की। शख्स ने मुझे बताया कि उसका नाम राजा कुमार है और वो मंसूर नगर का रहने वाला है। नाबालिग ने बताया कि दुकान पर आने-जाने के दौरान उसने मुझसे नजदीकी बढ़ा ली और मुझसे बातचीत करने लगा। उसने एक दिन मुझसे कहा कि मैं तुमसे शादी करूंगा, तुम्हारी गरीबी दूर कर दूंगा। मैं तुम्हारी और तुम्हारी मां का भी बेहतर ख्याल रखूंगा। नाबालिग ने बताया कि ऐसी बातें कर राजा कुमार ने मुझे अपने प्यार के जाल में फंसा लिया। एक दिन राजा कुमार शाम को मुझे अपने साथ सोहसराय में रहने वाली महिला किरण के घर ले गया। वहां उसने मेरे साथ जबरन काम किया और किरण के सामने बताया कि ये मेरी मंगेतर है और मैं इससे शादी करूंगा। उसने किरण के सामने ये भी बताया कि मेरे पिता नहीं है, मां काफी गरीब है और किसी तरह भुट्टा बेचकर अपना घर चलाती है। इसके कुछ दिनों बाद किरण मेरी दुकान पर आने लगी। वो जब भी मुझसे मिलती थी और कहती थी कि तुम्हारे लिए मेरे पास एक अच्छा काम है। अगर तुम किसी को नहीं बताओगी तो तुम्हारे परिवार की गरीबी दूर हो जाएगी। तुम ऐश की जिंदगी गुजारोगी। तुम अपनी कमाई से अपनी मां को बेहतर जिंदगी दे सकती हो। जब मैंने इस बारे में राजा कुमार को बताया तो उसने कहा कि जो वो कह रही है कर लो, तुम्हारी ही भलाई है। ‘स्कूल जा रही थी, महिला आई और अपने कुछ साथियों के साथ मुझे अपने साथ ले गई’ नाबालिग ने बताया कि 7 मई को जब मैं स्कूल जा रही थी, तब किरण मेरे पास आई और अपने कुछ गुर्गों के साथ मुझे जबरन अपने घर ले गई। चूंकि मैं किरण को पहचानती थी, उसकी बातों में आ गई थी, इसलिए उसके साथ बिना शोर मचाए उसके घर चली गई। पीड़िता के मुताबिक, किरण के कमरे पर जाने के बाद उसने मुझे एक कस्टमर को सौंप दिया। विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी और कहा कि इसी तरह पैसे कमाए जाते है। मैंने किरण से कहा कि मेरी मां अकेली होगी, मुझे घर जाने दो, लेकिन उसने मुझे बंधक बनाकर रख लिया। पुलिस पूछताछ में भी नाबालिग ने बताया कि मुझे शहर के अलग-अलग लोकेशन पर ले जाया जाता था। अब तक किरण ने मुझे 8 से 10 कस्टमर के पास भेजा, जिन्होंने मेरे साथ जबरन संबंध बनाए। थाना अध्यक्ष ने बताया कि बरामदगी के बाद जब बच्ची से पूछताछ की गई, तो उसने अपने साथ हुई इस खौफनाक आपबीती का खुलासा किया। बच्ची ने बताया कि अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसके साथ करीब 8 से 10 बार जबरन संबंध बनवाया गया। इस घिनौने खेल के पीछे बच्ची की गरीबी का फायदा उठाकर उसे पैसों का लालच दिया गया था। नाबालिग ने ये भी बताया कि किरण से ही मुझे पता चला कि जिस राजा कुमार ने मुझे शादी का झांसा दिया था, वो भी किरण से मिला हुआ था और वो शादीशुदा था। किरण देवी, राजा कुमार समेत 5 गिरफ्तार लहेरी थाना के SHO ने बताया कि नाबालिग की बरामदगी के बाद रेकैट का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि सोहसराय के मंसूर नगर के रहने वाला चंदू मिस्त्री के बेटे राजा कुमार, एकंगरसराय के रामचंद्रपुर के रहने वाले कृष्ण प्रसाद के बेटे विद्या कुमार, मूल रूप से झारखंड के पलामू की रहने वाली और वर्तमान में बिहार शरीफ में रहने वाली लक्ष्मी देवी, गिरियक थाना क्षेत्र के चोरसूआ बकरा के रहने वाले मुरारी पासवान की पत्नी बेबी देवी उर्फ किरण देवी और दीपनगर थाना क्षेत्र के उमेदनगर मोहल्ला के रहने वाले सुबोध पासवान की पत्नी रेखा देवी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि राजा कुमार ने नाबालिग को झांसा दिया था और उसके बारे में किरण देवी को जानकारी दी थी, इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया। किरण देवी ने नाबालिग का अपहरण कर जबरन उससे देहव्यापार कराया था, इसलिए उसकी गिरफ्तारी की गई। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि किरण देवी ने नाबालिग को पहले 7 दिन तक अपने पास रखा था, इसके बाद उसे रेखा देवी के हवाले कर दिया था। रेखा के ही घर से नाबालिग को बरामद किया गया, इसलिए रेखा देवी की गिरफ्तारी की गई। विद्या कुमार आरोपी किरण देवी का बॉयफ्रेंड है और किरण ने सबसे पहले नाबालिग को विद्या को ही जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए सौंपा था, इसलिए उसकी भी गिरफ्तारी की गई। अपहरण से लेकर रेखा देवी के घर से नाबालिग की बरामदगी के बीच एक दो दिन नाबालिग को लक्ष्मी देवी के घर भी रखा गया था, इसलिए लक्ष्मी की भी गिरफ्तारी की गई। नालंदा में 11 दिनों तक 14 साल की लड़की से जबरन देहव्यापार कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मंगलवार को नाबालिग का रेस्क्यू किया। साथ ही तीन महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नाबालिग को 7 मई को उस वक्त किडनैप किया गया था, जब वो स्कूल जा रही थी। किडनैप करने के बाद आरोपियों ने नाबालिग को उसके घर से मात्र 2 किलोमीटर दूर एक मकान में रखा था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी महिला पहले भी जबरन महिलाओं, लड़कियों से देहव्यापार कराने के मामले में शामिल रही है, उसे जेल भी भेजा जा चुका है। नाबालिग के 7 मई को स्कूल के लिए घर से निकलने और शाम तक वापस नहीं आने के बाद उसकी मां की ओर से लहेरी थाना में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए लहेरी पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बच्ची को जेपी हॉस्पिटल के पीछे नालंदा कॉलोनी में रेखा देवी नामक महिला ने अपने घर में रखा है और उससे देहव्यापार कराया जा रहा है। सूचना के बाद नाबालिग को बरामद कर महिला समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला नाबालिग की मां दिव्यांग है, जबकि उसके पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। नाबालिग दो बहनों में छोटी है। नाबालिग की मां ने बताया कि पति की मौत के बाद मैं शहर के एक इलाके में भुट्टा बेचती हूं। बेटी कभी-कभी मेरे साथ दुकान पर रहती थी। वो स्कूल में पढ़ाई करती है। 7 मई को हर दिन की तरह स्कूल के लिए निकली, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। पड़ोसियों की मदद से मैंने अपनी बेटी की काफी तलाश की, स्कूल में पता किया तो जानकारी मिली कि बेटी स्कूल नहीं गई थी। नाबालिग की मां के मुताबिक, उन्होंने बेटी को उसकी सहेलियों के घर भी तलाशा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। जब देर रात हो गई और बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो एक रिश्तेदार से कहा, पुलिस से शिकायत कर दीजिए। इसके बाद मैं अपने परिचितों के साथ लहेरी थाना पहुंची। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक को सारी बातें बताई। जिसके बाद उन्होंने अपहरण से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और जांच पड़ताल शुरू कर दी। 7 से 18 मई तक बेटी को तलाशती रही, लेकिन कुछ पता नहीं चला नाबालिग की मां ने बताया कि पुलिस से शिकायत के बाद मैं लगातार बेटी की तलाश में जुटी थी। उधर, पुलिस भी मेरी बेटी की तलाश में जुटी थी। नाबालिग की मां ने बताया कि मंगलवार को मुझे पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि आपकी बेटी का रेस्क्यू कर लिया गया है। इसके बाद मैं थाना पहुंची। उन्होंने बताया कि बेटी ने मुझे अपनी आपबीती बताई और कहा कि मुझसे जबरन गलत काम कराया जा रहा था। उसने ये भी बताया कि मुझे गरीबी से निकालने का झांसा दिया गया था, मैं महिला की बातों में आ गई। अब पढ़िए, नाबालिग ने अपनी आपबीती में क्या बताया नाबालिग ने बताया कि पिता की पहले मौत हो चुकी है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। घर में मैं और मेरी मां है। मां शहर में ही एक जगह भुट्टे की दुकान लगाती है। कभी-कभी स्कूल से छुट्टी के बाद मैं सीधे मां की दुकान पर पहुंच जाती थी। नाबालिग ने बताया कि दुकान पर एक शख्स अक्सर आता था। उसने धीरे-धीरे मुझसे बात की। शख्स ने मुझे बताया कि उसका नाम राजा कुमार है और वो मंसूर नगर का रहने वाला है। नाबालिग ने बताया कि दुकान पर आने-जाने के दौरान उसने मुझसे नजदीकी बढ़ा ली और मुझसे बातचीत करने लगा। उसने एक दिन मुझसे कहा कि मैं तुमसे शादी करूंगा, तुम्हारी गरीबी दूर कर दूंगा। मैं तुम्हारी और तुम्हारी मां का भी बेहतर ख्याल रखूंगा। नाबालिग ने बताया कि ऐसी बातें कर राजा कुमार ने मुझे अपने प्यार के जाल में फंसा लिया। एक दिन राजा कुमार शाम को मुझे अपने साथ सोहसराय में रहने वाली महिला किरण के घर ले गया। वहां उसने मेरे साथ जबरन काम किया और किरण के सामने बताया कि ये मेरी मंगेतर है और मैं इससे शादी करूंगा। उसने किरण के सामने ये भी बताया कि मेरे पिता नहीं है, मां काफी गरीब है और किसी तरह भुट्टा बेचकर अपना घर चलाती है। इसके कुछ दिनों बाद किरण मेरी दुकान पर आने लगी। वो जब भी मुझसे मिलती थी और कहती थी कि तुम्हारे लिए मेरे पास एक अच्छा काम है। अगर तुम किसी को नहीं बताओगी तो तुम्हारे परिवार की गरीबी दूर हो जाएगी। तुम ऐश की जिंदगी गुजारोगी। तुम अपनी कमाई से अपनी मां को बेहतर जिंदगी दे सकती हो। जब मैंने इस बारे में राजा कुमार को बताया तो उसने कहा कि जो वो कह रही है कर लो, तुम्हारी ही भलाई है। ‘स्कूल जा रही थी, महिला आई और अपने कुछ साथियों के साथ मुझे अपने साथ ले गई’ नाबालिग ने बताया कि 7 मई को जब मैं स्कूल जा रही थी, तब किरण मेरे पास आई और अपने कुछ गुर्गों के साथ मुझे जबरन अपने घर ले गई। चूंकि मैं किरण को पहचानती थी, उसकी बातों में आ गई थी, इसलिए उसके साथ बिना शोर मचाए उसके घर चली गई। पीड़िता के मुताबिक, किरण के कमरे पर जाने के बाद उसने मुझे एक कस्टमर को सौंप दिया। विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी और कहा कि इसी तरह पैसे कमाए जाते है। मैंने किरण से कहा कि मेरी मां अकेली होगी, मुझे घर जाने दो, लेकिन उसने मुझे बंधक बनाकर रख लिया। पुलिस पूछताछ में भी नाबालिग ने बताया कि मुझे शहर के अलग-अलग लोकेशन पर ले जाया जाता था। अब तक किरण ने मुझे 8 से 10 कस्टमर के पास भेजा, जिन्होंने मेरे साथ जबरन संबंध बनाए। थाना अध्यक्ष ने बताया कि बरामदगी के बाद जब बच्ची से पूछताछ की गई, तो उसने अपने साथ हुई इस खौफनाक आपबीती का खुलासा किया। बच्ची ने बताया कि अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसके साथ करीब 8 से 10 बार जबरन संबंध बनवाया गया। इस घिनौने खेल के पीछे बच्ची की गरीबी का फायदा उठाकर उसे पैसों का लालच दिया गया था। नाबालिग ने ये भी बताया कि किरण से ही मुझे पता चला कि जिस राजा कुमार ने मुझे शादी का झांसा दिया था, वो भी किरण से मिला हुआ था और वो शादीशुदा था। किरण देवी, राजा कुमार समेत 5 गिरफ्तार लहेरी थाना के SHO ने बताया कि नाबालिग की बरामदगी के बाद रेकैट का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि सोहसराय के मंसूर नगर के रहने वाला चंदू मिस्त्री के बेटे राजा कुमार, एकंगरसराय के रामचंद्रपुर के रहने वाले कृष्ण प्रसाद के बेटे विद्या कुमार, मूल रूप से झारखंड के पलामू की रहने वाली और वर्तमान में बिहार शरीफ में रहने वाली लक्ष्मी देवी, गिरियक थाना क्षेत्र के चोरसूआ बकरा के रहने वाले मुरारी पासवान की पत्नी बेबी देवी उर्फ किरण देवी और दीपनगर थाना क्षेत्र के उमेदनगर मोहल्ला के रहने वाले सुबोध पासवान की पत्नी रेखा देवी को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि राजा कुमार ने नाबालिग को झांसा दिया था और उसके बारे में किरण देवी को जानकारी दी थी, इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया। किरण देवी ने नाबालिग का अपहरण कर जबरन उससे देहव्यापार कराया था, इसलिए उसकी गिरफ्तारी की गई। थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने बताया कि किरण देवी ने नाबालिग को पहले 7 दिन तक अपने पास रखा था, इसके बाद उसे रेखा देवी के हवाले कर दिया था। रेखा के ही घर से नाबालिग को बरामद किया गया, इसलिए रेखा देवी की गिरफ्तारी की गई। विद्या कुमार आरोपी किरण देवी का बॉयफ्रेंड है और किरण ने सबसे पहले नाबालिग को विद्या को ही जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए सौंपा था, इसलिए उसकी भी गिरफ्तारी की गई। अपहरण से लेकर रेखा देवी के घर से नाबालिग की बरामदगी के बीच एक दो दिन नाबालिग को लक्ष्मी देवी के घर भी रखा गया था, इसलिए लक्ष्मी की भी गिरफ्तारी की गई।  

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