Prateek Yadav Death: अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के सौतेले छोटे भाई प्रतीक यादव (Prateek Yadav) का 13 मई को निधन हो गया था। प्रतीक यादव इस दुनिया से जाने के बाद कई अनकही कहानियां छोड़ गए हैं। प्रतीक यादव महज 38 साल की उम्र में इस संसार से विदा हो गए। उन्होंने लखनऊ के सिविल अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। प्रतीक के निधन के बाद उनसे जुड़े कई किस्सों का जिक्र हो रहा है। वह अपने परिवार की एकता को सर्वोपरि मानते थे और हर किसी से मिल-जुलकर रहते थे। पारिवारिक तल्खियों के बीच प्रतीक यादव सपा अध्यक्ष अखिलेश के साथ नियमित तौर पर बैडमिंटन खेला करते थे।
प्रतीक ने कहा था- हमारे बीच वैचारिक मतभेद, लेकिन दिलों की दूरियां नहीं
प्रतीक यादव ने यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के समय एक TV चैनल को को दिए इंटरव्यू में बड़ी बात कही थी। प्रतीक ने कहा था कि हमारे घर बाहर से दिखते अलग-अलग हैं, लेकिन अंदर से एक हैं। मैं राजनीति नहीं जानता हूं। इतना जरूर जानता हूं कि मेरे यहां राजनीति में उतार-चढ़ाव और वैचारिक मतभेद भले हों, लेकिन दिलों की दूरियां नहीं हैं। उस दौर में जब मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के रिश्तों को लेकर मीडिया में तरह-तरह की खबरें चल रही थीं। उस समय प्रतीक का कहना था कि इसे मतभेद नहीं, डिबेट के तौर पर देखना चाहिए। डिबेट और मंथन होता है तो उससे अमृत निकलता है।
प्रतीक बोले- परिवार एकता सबसे ऊपर, राजनीति में नहीं है रुचि
सपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने राजनीति से दूरी बनाए रखने का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति में कभी रुचि नहीं रही। प्रतीक की पढ़ाई-लिखाई बिजनेस और मैनेजमेंट में हुई और इसी क्षेत्र में उन्हें सबसे ज्यादा मजा आता है। प्रतीक यादव के अनुसार, परिवार की एकता हर चीज से ऊपर है। उन्होंने कहा था कि परिवार में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन परिवार की एकता बनी रहनी चाहिए। अगर परिवार एकजुट रहा तो बाकी सब ठीक हो जाता है।
प्रतीक यादव के 3 सबसे बड़े शौक
प्रतीक यादव की जिंदगी के तीन सबसे बड़े शौक फिटनेस, बिजनेस और पशुओं की सुरक्षा सेवा करना था। वे शुद्ध शाकाहारी थे और सभी जीवों की रक्षा को बेहद महत्व देते हैं। इस दिशा में वे लगातार काम भी करते रहे हैं। अपनी पत्नी अपर्णा यादव के राजनीतिक रुख को प्रतीक यादव ने हमेशा समर्थन दिया। 2017 के चुनाव के दौरान जब अपर्णा लखनऊ कैंट से सपा टिकट पर चुनाव लड़ रही थीं, तब प्रतीक ने कहा था कि अपर्णा को राजनीति में रुचि रही है। अपर्णा ने इसी क्षेत्र में पढ़ाई की है, इसलिए उनका राजनीति में जाना लाजिमी था। प्रतीक ने कहा था कि उनके परिवार में हर सदस्य को अपना प्रोफेशन चुनने की पूरी आजादी है।
मेहनत से सपपनों को पूरा करने का संदेश देते थे प्रतीक
प्रतीक यादव अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल, फिटनेस और सुपरकारों के लिए भी चर्चा में रहते थे। उन्होंने 5.28 करोड़ रुपए की लैंबोर्गिनी ह्यूराकैन खरीदी तो यह खबर सियासी गलियारों तक पहुंच गई। प्रतीक ने खुद कार की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि यह उनका 10 साल पुराना सपना था। इसके लिए उन्होंने बिजनेस में रात-दिन मेहनत की। उन्होंने कहा था कि हर इंसान को सपना देखना चाहिए और अपने सपनों को 1 साल, 5 साल, 10 साल और 20 साल के लक्ष्यों में बांट लेना चाहिए। पूरी मेहनत करने पर सपने जरूर पूरे होते हैं।


