रेडियोलॉजिस्ट ने खुद में पकड़ी Cancer की गांठ, महिलाओं को दिए ओवेरियन कैंसर के Warning Signs

रेडियोलॉजिस्ट ने खुद में पकड़ी Cancer की गांठ, महिलाओं को दिए ओवेरियन कैंसर के Warning Signs

Ovarian Cancer Symptoms: अक्सर महिलाएं पेट फूलना, गैस, कब्ज या थकान जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन कई बार यही छोटे-छोटे संकेत किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ 62 वर्षीय रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ऐनी टैन केंड्रिक के साथ, जिन्होंने खुद का अल्ट्रासाउंड करते समय अपने शरीर में ओवेरियन कैंसर का पता लगाया।

CNA Lifestyle में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. टैन की कहानी अब महिलाओं के लिए एक चेतावनी बन गई है कि शरीर में होने वाले बदलावों को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

खुद का अल्ट्रासाउंड करते समय दिखे बड़े ट्यूमर

डॉ. टैन एक दिन अस्पताल में अपने मरीजों को देखने के बाद घर जाने वाली थीं। तभी उन्होंने अचानक खुद का अल्ट्रासाउंड करने का फैसला किया। जांच के दौरान स्क्रीन पर उन्हें पेट में कई बड़े ट्यूमर दिखाई दिए। एक अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण वह तुरंत समझ गईं कि मामला गंभीर है। आगे की जांच और ब्लड टेस्ट में पता चला कि उन्हें स्टेज-3 ओवेरियन कैंसर है।

ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं?

डॉ. टैन ने बताया कि शुरुआत में उन्हें पेट के निचले हिस्से में सूजन, कब्ज और बाएं पैर में भारीपन महसूस होता था। लेकिन ये लक्षण इतने आम थे कि उन्होंने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ओवेरियन कैंसर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती संकेत बहुत हल्के होते हैं। कई बार बीमारी तब पता चलती है जब कैंसर एडवांस स्टेज में पहुंच चुका होता है।

महिलाओं को नहीं नजरअंदाज करने चाहिए ये वॉर्निंग साइन

अगर लंबे समय तक शरीर में ये लक्षण बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

  • पेट फूलना या भारीपन महसूस होना
  • लगातार कब्ज या पाचन खराब रहना
  • गैस और बदहजमी की समस्या
  • बार-बार पेशाब आना या पेशाब में परेशानी
  • पेट का आकार बढ़ना
  • असामान्य ब्लीडिंग
  • पैरों में दर्द या भारीपन

इलाज के दौरान झेलनी पड़ी कई परेशानियां

कैंसर का पता चलने के बाद डॉ. टैन की 7 घंटे लंबी सर्जरी हुई। इस दौरान शरीर के कई हिस्सों को हटाना पड़ा। इसके बाद उन्हें कीमोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी से गुजरना पड़ा। इलाज के दौरान बाल झड़ना, कमजोरी, दर्द, संक्रमण और नसों में दिक्कत जैसी कई समस्याएं हुईं। लेकिन परिवार और दोस्तों के सपोर्ट ने उन्हें हिम्मत दी।

रेगुलर चेकअप क्यों है जरूरी?

डॉक्टरों का कहना है कि ओवेरियन कैंसर के करीब 20 प्रतिशत मामले जेनेटिक कारणों से जुड़े होते हैं। अगर परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो, तो महिलाओं को नियमित जांच जरूर करानी चाहिए। महिलाओं को साल में कम से कम एक बार गाइनेकोलॉजिस्ट से जरूर मिलना चाहिए। समय पर जांच कराने से बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ना आसान हो सकता है।

कैंसर के बाद डांस बना नई जिंदगी

इलाज के बाद डॉ. टैन ने अपनी जिंदगी को नए तरीके से जीना शुरू किया। उन्होंने डांस सीखना शुरू किया और अब अंतरराष्ट्रीय डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं। उनका कहना है कि जिंदगी बहुत कीमती है और शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर जांच और इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी लड़ाई जीती जा सकती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *