पंजाब में गर्मी के सीजन के बीच एक बड़ा संकट खड़ा होने जा रहा है। पंजाब भर के आउटसोर्स फायर कर्मचारी 21 मई से अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर जा रहे हैं। आउटसोर्स कर्मचारी धुरी में मुख्यमंत्री भगवंत मान के दफ्तर के बाहर पक्का मोर्चा लगाकर अनिश्चितकाल के लिए बैठेंगे। फायर ब्रिगेड आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन, पंजाब ने ऐलान कर दिया है कि पंजाब भर से सभी आउटसोर्स कर्मचारी कामकाज ठप करके धुरी पहुंचेंगे और अपनी मांगों के लिए सरकार के खिलाफ धरना देंगे। यूनियन नेताओं का कहना है कि फायर कर्मी अपनी जान हथेली पर रखकर दूसरों के घरों और फैक्ट्रियों को आग की लपटों से बचाने का काम करते हैं ओर उन्हें ही अपनी मांगों के लिए सरकार के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। । ‘फायर ब्रिगेड आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन, पंजाब’ मुख्यमंत्री भगवंत मान के धूरी स्थित दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इसके साथ ही कर्मचारी कक्कड़वाल चौक पर पक्का मोर्चा (धरना) लगाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की अनदेखी के चलते उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। वित्त मंत्री ने भरोसा दिया पर नहीं मानी मांग यूनियन के नेताओं ने बताया कि वे लंबे समय से आउटसोर्सिंग के तहत शोषण का शिकार हो रहे हैं। इस संबंध में 24 मार्च 2026 को पंजाब के वित्त मंत्री के साथ एक अहम बैठक हुई थी। उस दौरान वित्त मंत्री ने बकायदा भरोसा दिलाया था कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को जल्द ही सीधे सरकारी कन्ट्रेक्ट पर रखा जाएगा। इस बात को बीते दो महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक इस वादे को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। सरकार के इस ढुलमुल रवैए और टाल-मटोल की नीति ने सैकड़ों फायर कर्मियों को गहरी मानसिक परेशानी और निराशा में धकेल दिया है, जिसके बाद उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया है। यूनियन की मुख्य डिमांड्स और हड़ताल का असर, जानिए..


