हनुमानगढ़ में अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों की अनुदान राशि के भुगतान में देरी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। दिनभर चले धरने के बाद देर शाम प्रशासन से डेढ़ माह में भुगतान करवाने का आश्वासन मिला, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल भुगतान की मांग की। किसान कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर डटे रहे। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह मानुका ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले के लगभग 829 किसानों ने डिग्गियों का निर्माण कराया था। प्रत्येक डिग्गी के लिए तीन लाख रुपए की अनुदान राशि देय है, जिसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। मानुका ने आरोप लगाया कि किसानों ने सरकारी योजना पर भरोसा करके डिग्गी निर्माण में बड़ी रकम खर्च की। समय पर अनुदान न मिलने के कारण वे आर्थिक संकट में फंस गए हैं। कई किसानों ने डिग्गी निर्माण के लिए ब्याज पर पैसा लिया था और अब तक लगभग दो-दो लाख रुपए ब्याज के रूप में चुका चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि विभाग ने वर्ष 2025-26 में भी सैकड़ों किसानों को नई डिग्गियां बनवाने का आश्वासन दिया है, जबकि पिछली अनुदान राशि का भुगतान अभी भी लंबित है। किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समस्या के समाधान में देरी पर चिंता व्यक्त की। धरने के दौरान किसानों ने कलेक्ट्रेट से भगत सिंह चौक तक रोष जुलूस भी निकाला। इस बीच प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही अनुदान राशि जारी नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देर शाम प्रशासन की ओर से डेढ़ माह के भीतर अनुदान राशि का भुगतान करवाने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।


