मुजफ्फरनगर के जिला चिकित्सालय में कथित सुविधा शुल्क वसूली, भ्रष्टाचार और मरीजों के शोषण की शिकायतों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को उन्होंने जिला अस्पताल में अधिकारियों और कर्मचारियों की एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में सीएमओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता भ्रष्टाचार या दलाली में पाई गई, तो जांच के बाद उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह कार्रवाई भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर द्वारा की गई शिकायतों के बाद शुरू हुई। उन्होंने जिला चिकित्सालय में भ्रष्टाचार, सुविधा शुल्क और अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया था। सीएमओ ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए। जिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित इस बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. नवनीत बंसल और डॉ. संदीप रंजन सहित फार्मासिस्ट हारून, फार्मासिस्ट राजीव गोयल तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अस्पताल में पारदर्शिता बनाए रखना और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पताल परिसर में दलाली, सुविधा शुल्क, भ्रष्टाचार या मरीजों व तीमारदारों के शोषण जैसी शिकायतें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। डॉ. तेवतिया ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी भी कर्मचारी या व्यक्ति की अनियमितताओं में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ ने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुसार, प्रत्येक मरीज को सम्मानपूर्वक, पारदर्शी और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से परेशान करना या सुविधा शुल्क के माध्यम से उसका शोषण करना गंभीर कदाचार माना जाएगा। बैठक में अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि अस्पताल परिसर में अनुशासन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, किसी भी शिकायत का तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आमजन का विश्वास स्वास्थ्य विभाग पर बना रहे।


