‘जंग हुई तो लोग जय श्रीराम बोलना भूल जाएंगे’:आर्थिक संकट की तुलना कैंसर से, RJD सांसद बोले- लोग साइकिल से चलाने लायक भी नहीं रहेंगे

‘जंग हुई तो लोग जय श्रीराम बोलना भूल जाएंगे’:आर्थिक संकट की तुलना कैंसर से, RJD सांसद बोले- लोग साइकिल से चलाने लायक भी नहीं रहेंगे

जहानाबाद से आरजेडी सांसद सुरेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गयाजी केदारनाथ मार्केट स्थित कॉपरेटिव बैंक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अगर अमेरिका में लड़ाई छिड़ गई तो भारत में हालात इतने बिगड़ जाएंगे कि लोग ‘जय श्रीराम’ बोलना भी भूल जाएंगे। हालात इतने खराब हो जाएंगे कि परलोक सिधार गए बाप-दादा का नाम याद करने लगेंगे। मंच से सांसद सुरेंद्र यादव ने सीधे तौर पर देश की आर्थिक हालत पर सवाल उठाए। कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। आम आदमी की कमर टूट चुकी है। सहकारिता व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। अगर समय रहते आर्थिक स्थिति नहीं संभाली गई तो हालात और भयावह हो सकते हैं। अभी तो लोग साइकिल से चल रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में न तो साइकिल से और न ही पैदल चलने लायक रहेंगे। संसद में बैठकर देश की असली तस्वीर देख रहे हैं। हालात ऐसे बन चुके हैं कि बड़े-बड़े नेता भी अब ऑटो, साइकिल और पैदल चलने को मजबूर दिख रहे हैं। नारों से काम नहीं चलेगा आरजेडी सांसद ने आर्थिक संकट की तुलना कैंसर जैसी बीमारी से करते हुए कहा कि अगर सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। देश में सिर्फ नारों से काम नहीं चलेगा। जनता को रोजगार, महंगाई से राहत और मजबूत आर्थिक व्यवस्था चाहिए। को-ऑपरेटिव सेक्टर को मजबूत किए बिना गांव और गरीब की अर्थव्यवस्था नहीं संभल सकती। जहानाबाद से आरजेडी सांसद सुरेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गयाजी केदारनाथ मार्केट स्थित कॉपरेटिव बैंक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अगर अमेरिका में लड़ाई छिड़ गई तो भारत में हालात इतने बिगड़ जाएंगे कि लोग ‘जय श्रीराम’ बोलना भी भूल जाएंगे। हालात इतने खराब हो जाएंगे कि परलोक सिधार गए बाप-दादा का नाम याद करने लगेंगे। मंच से सांसद सुरेंद्र यादव ने सीधे तौर पर देश की आर्थिक हालत पर सवाल उठाए। कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। आम आदमी की कमर टूट चुकी है। सहकारिता व्यवस्था कमजोर होती जा रही है। अगर समय रहते आर्थिक स्थिति नहीं संभाली गई तो हालात और भयावह हो सकते हैं। अभी तो लोग साइकिल से चल रहे हैं, लेकिन आने वाले दिनों में न तो साइकिल से और न ही पैदल चलने लायक रहेंगे। संसद में बैठकर देश की असली तस्वीर देख रहे हैं। हालात ऐसे बन चुके हैं कि बड़े-बड़े नेता भी अब ऑटो, साइकिल और पैदल चलने को मजबूर दिख रहे हैं। नारों से काम नहीं चलेगा आरजेडी सांसद ने आर्थिक संकट की तुलना कैंसर जैसी बीमारी से करते हुए कहा कि अगर सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। देश में सिर्फ नारों से काम नहीं चलेगा। जनता को रोजगार, महंगाई से राहत और मजबूत आर्थिक व्यवस्था चाहिए। को-ऑपरेटिव सेक्टर को मजबूत किए बिना गांव और गरीब की अर्थव्यवस्था नहीं संभल सकती।  

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