जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला भी शामिल है। एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। एसपी ने बताया कि कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के रतनडीह पहाड़िया ओला केक तालाब के पास से रिजवान अंसारी (19), बशीर अंसारी (30), सकलेन अंसारी (19) और सफाउद्दीन अंसारी (20) को पकड़ा गया। दूसरी कार्रवाई में कलझरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास से मुजाहिद अंसारी (21) को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर अपराधियों को सिम कार्ड मुहैया कराता था।
डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर ठगी करते थे आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच में सामने आया कि ये अपराधी लोगों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर ठगी करते थे। इसके लिए वे गूगल से रैंडम नंबर निकालकर बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते थे। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार रिजवान अंसारी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह 2023 में भी साइबर ठगी के आरोप में जेल जा चुका है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों तक फैला हुआ था। जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला भी शामिल है। एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। एसपी ने बताया कि कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के रतनडीह पहाड़िया ओला केक तालाब के पास से रिजवान अंसारी (19), बशीर अंसारी (30), सकलेन अंसारी (19) और सफाउद्दीन अंसारी (20) को पकड़ा गया। दूसरी कार्रवाई में कलझरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास से मुजाहिद अंसारी (21) को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर अपराधियों को सिम कार्ड मुहैया कराता था।
डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर ठगी करते थे आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच में सामने आया कि ये अपराधी लोगों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर ठगी करते थे। इसके लिए वे गूगल से रैंडम नंबर निकालकर बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते थे। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार रिजवान अंसारी का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह 2023 में भी साइबर ठगी के आरोप में जेल जा चुका है। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का नेटवर्क महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों तक फैला हुआ था।


