रिश्वत के आरोपी ASI को भेजा जेल:फिल्म सागवान में जांबाज की भूमिका निभाई; हकीकत में बेईमान निकला, आय से अधिक संपत्ति की जांच होगी

रिश्वत के आरोपी ASI को भेजा जेल:फिल्म सागवान में जांबाज की भूमिका निभाई; हकीकत में बेईमान निकला, आय से अधिक संपत्ति की जांच होगी

सागवान फिल्म में जांबाज पुलिसकर्मी की भूमिका निभाने वाला एएसआई सुनील विश्नोई की छवि रियल लाइफ में ठीक इसके उलट बेईमान की हो गई है। एक दिन पहले एक लाख की घूस लेते पकड़े गए एएसआई को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। खास बात यह है कि रविवार को एएसआई के पकड़े जाने के बाद सोमवार को पुलिस महकमे में एक ही चर्चा रही कि एएसआई पर प्रदेश के बड़े आलाधिकारी का हाथ था, फिर भी वह बच नहीं पाया। इसकों लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे। वहीं, घूस कांड मामले में एएसपी अनंत कुमार ने बताया कि आरोपी सुनील विश्नोई को सोमवार देर शाम को एसीबी-1 कोर्ट के जज मनीषा अग्रवाल के निवास पर पेश किया गया। वहां से जेल भेजने के आदेश दिए। एसीबी की टीम ने सोमवार को शोभापुरा के माधव विहार स्थित एएसआई के मकान में भी तलाशी ली थी। लेकिन, कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। यह भी माना जा रहा है कि एएसआई को कार्रवाई की भनक पहले ही लग गई थी। ऐसे में एएसआई ने घर से संपत्तियों संबंधी दस्तावेज, नकदी और जेवर को हटा लिया था। अब एसीबी उसकी आय से अधिक संपत्ति की जांच भी करेगी। दूसरी ओर, एसीबी प्रतापनगर थाने के कांस्टेबल शंकरलाल और बनवारीलाल की भूमिका की भी जांच कर रही है। रील बनाने और लार्जर देन लाइफ जीने का शौकीन एएसआई सुनील लार्जर देन लाइफ जीने का शौकीन है। वह सोशल मीडिया पर आए दिन रील बनाकर शेयर करता था। कई बड़े पुलिस अधिकारियों और शहर की बड़ी हस्तियों के साथ उसने फोटो शेयर किए हुए थे। इसके अलावा बड़ी-बड़ी होटलों में भी फोटो शेयर किए हुए थे। सुनील 2024 में ही एएसआई बना था। ऐसे में उसकी पोस्ट से बड़े तो शौक थे। 27 साल से शहर में ही ड्यूटी
सुनील 1999 में कांस्टेबल पद पर तैनात हुआ था। तब से वह उदयपुर में है। इसके बाद प्रमोट होकर हेडकांस्टेबल और 2024 में एएसआई बना। इन 27 सालों में उसने उदयपुर के सुखेर, प्रतापनगर, अंबामाता थाने और सवीना चौकी पर ही ड्यूटी दी। अन्य दूसरे थानों पर ट्रांसफर होने पर भी कुछ समय बाद इन्हीं थानों में वापस पोस्टिंग करवा लेता था। झूठे केस में फंसाने की धमकी
9 मई को एक युवक ने एसीबी में शिकायत दी। इसमें बताया कि एक युवती से नोकझोंक के मामले में प्रतापनगर थाने के एएसआई सुनील व दो कांस्टेबलों ने उसे बुलाकर छेड़छाड़-दुष्कर्म में फंसाने की धमकी दी। केस नहीं दर्ज करने के बदले 3 लाख मांगे, सौदा 1.30 लाख में तय हुआ। 17 मई को ऑर्बिट रिसॉर्ट में 1 लाख लेते एएसआई को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

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