एनटीपीसी बाढ़ परियोजना देश का दूसरा सबसे बड़ा पावर स्टेशन बन गया है। इसने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 17,574 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया है। यह जानकारी सोमवार, 18 मई 2026 को परियोजना परिसर में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में दी गई। परियोजना प्रमुख सी. सत्य रामकृष्ण ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बताया कि एनटीपीसी बाढ़ की कुल स्थापित क्षमता 3300 मेगावाट (5×660 मेगावाट) है। स्टेज-I की यूनिट-3 के वाणिज्यिक परिचालन की शुरुआत के साथ ही यह अब देश में एनटीपीसी का दूसरा सबसे बड़ा पावर स्टेशन बन गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्टेशन ने रिकॉर्ड 17,574 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया, जो बाढ़ परियोजना के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। मार्च 2026 में 2,045 मिलियन यूनिट मासिक उत्पादन इसके अतिरिक्त, 30 दिसंबर 2025 को स्टेशन ने 75.38 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक एकदिवसीय उत्पादन और 95.18 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) का रिकॉर्ड बनाया। मार्च 2026 में 2,045 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक मासिक उत्पादन भी दर्ज किया गया। 3,150 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं होंगी स्थापित हरित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा पहलों के तहत, स्टेशन में कुल 3,150 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से 2,450 किलोवाट क्षमता का कार्य पूरा हो चुका है। ऊर्जा प्रबंधन और ग्रिड की मजबूती के लिए 400 MWh क्षमता के बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। सामुदायिक विकास (सीएसआर) के अंतर्गत, एनटीपीसी द्वारा आसपास के क्षेत्रों में बालिका सशक्तिकरण अभियान, उत्कर्ष मेरिट छात्रवृत्ति और मोबाइल मेडिकल वैन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं निरंतर चलाई जा रही हैं। संवाद के दौरान पत्रकारों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी व सामाजिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। एनटीपीसी प्रबंधन ने सभी मीडियाकर्मियों का स्वागत करते हुए उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया। एनटीपीसी बाढ़ परियोजना देश का दूसरा सबसे बड़ा पावर स्टेशन बन गया है। इसने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 17,574 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया है। यह जानकारी सोमवार, 18 मई 2026 को परियोजना परिसर में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में दी गई। परियोजना प्रमुख सी. सत्य रामकृष्ण ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बताया कि एनटीपीसी बाढ़ की कुल स्थापित क्षमता 3300 मेगावाट (5×660 मेगावाट) है। स्टेज-I की यूनिट-3 के वाणिज्यिक परिचालन की शुरुआत के साथ ही यह अब देश में एनटीपीसी का दूसरा सबसे बड़ा पावर स्टेशन बन गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्टेशन ने रिकॉर्ड 17,574 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया, जो बाढ़ परियोजना के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन है। मार्च 2026 में 2,045 मिलियन यूनिट मासिक उत्पादन इसके अतिरिक्त, 30 दिसंबर 2025 को स्टेशन ने 75.38 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक एकदिवसीय उत्पादन और 95.18 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) का रिकॉर्ड बनाया। मार्च 2026 में 2,045 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक मासिक उत्पादन भी दर्ज किया गया। 3,150 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं होंगी स्थापित हरित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा पहलों के तहत, स्टेशन में कुल 3,150 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से 2,450 किलोवाट क्षमता का कार्य पूरा हो चुका है। ऊर्जा प्रबंधन और ग्रिड की मजबूती के लिए 400 MWh क्षमता के बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। सामुदायिक विकास (सीएसआर) के अंतर्गत, एनटीपीसी द्वारा आसपास के क्षेत्रों में बालिका सशक्तिकरण अभियान, उत्कर्ष मेरिट छात्रवृत्ति और मोबाइल मेडिकल वैन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं निरंतर चलाई जा रही हैं। संवाद के दौरान पत्रकारों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच परियोजना से जुड़े विभिन्न तकनीकी व सामाजिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। एनटीपीसी प्रबंधन ने सभी मीडियाकर्मियों का स्वागत करते हुए उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया।


