भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से तस्करी कर लाए जा रहे 320 पैकेट अवैध सिगरेट जब्त किए हैं। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए गए एक ऑटो को भी जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई बैरगनिया सीमा क्षेत्र में नियमित जांच अभियान के दौरान की गई। एसएसबी जवानों ने एक संदिग्ध ऑटो (बीआर 30, पीए 0290) को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान ऑटो में छिपाकर रखे गए ‘शिखर आइस रस’ ब्रांड के 320 पैकेट सिगरेट बरामद हुए। गिरफ्तार चालक की पहचान नेपाल के रौतहट जिला मुख्यालय गौर वार्ड नंबर पांच निवासी मजनीस शाह के पुत्र सुरेंद्र कुमार शाह (23 वर्ष) के रूप में हुई है। जवानों ने चालक को हिरासत में लेकर जब्त ऑटो और सिगरेट को आगे की कार्रवाई के लिए स्थल सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया। स्थल सीमा शुल्क कार्यालय के वरीय अधीक्षक संजय शरण ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, जबकि ऑटो को जब्त रखा गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। एसएसबी अधिकारियों ने जानकारी दी कि सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी को रोकने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल से तस्करी कर लाए जा रहे 320 पैकेट अवैध सिगरेट जब्त किए हैं। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए गए एक ऑटो को भी जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई बैरगनिया सीमा क्षेत्र में नियमित जांच अभियान के दौरान की गई। एसएसबी जवानों ने एक संदिग्ध ऑटो (बीआर 30, पीए 0290) को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान ऑटो में छिपाकर रखे गए ‘शिखर आइस रस’ ब्रांड के 320 पैकेट सिगरेट बरामद हुए। गिरफ्तार चालक की पहचान नेपाल के रौतहट जिला मुख्यालय गौर वार्ड नंबर पांच निवासी मजनीस शाह के पुत्र सुरेंद्र कुमार शाह (23 वर्ष) के रूप में हुई है। जवानों ने चालक को हिरासत में लेकर जब्त ऑटो और सिगरेट को आगे की कार्रवाई के लिए स्थल सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया। स्थल सीमा शुल्क कार्यालय के वरीय अधीक्षक संजय शरण ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, जबकि ऑटो को जब्त रखा गया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। एसएसबी अधिकारियों ने जानकारी दी कि सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी को रोकने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।


