विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयक की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें सर्राफा एसोसिएशन और बुलियन व्यापारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर प्रधानमंत्री की अपील के अनुपालन में देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के सात प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया। इनमें जहां संभव हो ‘वर्क फ्रॉम होम’ को प्राथमिकता देना, पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करना, मेट्रो तथा सार्वजनिक वाहनों का अधिक प्रयोग करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, खाद्य तेलों का उपभोग कम करने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने, विदेशी ब्रांड के उत्पादों का न्यूनतम उपयोग कर स्वदेशी अपनाने, एक वर्ष तक विदेश यात्रा से दूर रहने और एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील की गई। ‘सोना न खरीदने’ के संप्रत्यय को स्पष्ट करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इसका तात्पर्य सोने की ज्वैलरी से नहीं, बल्कि गोल्ड बुलियन यानी सोने की ईंट और सोने के बिस्कुट से है। बैठक के दौरान व्यापारियों को विदेशी मुद्रा पर आए वैश्विक दबाव के विषय में विस्तार से समझाया गया। उनसे अपेक्षा की गई कि वे देशहित में स्वेच्छा से सोने-चांदी की बुलियन (ईंट/बिस्कुट) की खरीद-बिक्री को हतोत्साहित करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को गति देना, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और सोने के आयात को नियंत्रित करना बताया गया। इस संबंध में सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों ने अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए वे अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार का हर संभव सहयोग करेंगे। सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विजय आनंद अग्रवाल और श्री संजय प्रकाश ने सर्राफा व्यापार में आ रही कुछ परेशानियां बताईं और उन्हें शासन तक पहुंचाने का अनुरोध किया। मुख्य विकास अधिकारी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि सर्राफा व्यवसाय में आ रही परेशानियों के निराकरण, सुचारु संचालन और व्यापार बढ़ाने के लिए सर्राफा मार्केट में मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और वांछित प्रशासनिक सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।


