इंदौर में दो दिनों तक तापमान में गिरावट के बाद गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान कम होने के बावजूद उमस और तपिश बनी हुई थी, वहीं रविवार को पारे में एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग दिनभर परेशान रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। शनिवार को दिन का तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। रविवार को सुबह 11 बजे से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो गया, जो शाम 5 बजे तक बना रहा। गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग पसीने से तरबतर रहे। छुट्टी का दिन होने के बावजूद घरों में भी गर्मी से राहत नहीं मिली। हालात ऐसे रहे कि पंखों का असर भी कम नजर आया। तेज गर्मी और धूप के कारण लू और डिहाइड्रेशन के मामलों में भी बढ़ोतरी होने लगी है। सरकारी एमवायएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव के मुताबिक, ओपीडी में डिहाइड्रेशन, शरीर दर्द और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि तापमान बढ़ने से लोगों को चक्कर आना, उल्टी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मामलों के अलावा जिले में स्थापित 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक बनाए गए हैं। जिला स्तर के प्रत्येक अस्पताल में गर्मी से संबंधित आपात स्थितियों के लिए विशेष वार्ड संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। वहीं अस्थमा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से पीड़ित लोगों में भी खतरा बढ़ गया है। लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं ताकि डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों को रोका जा सके। नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें अत्यधिक कमजोरी, मुंह सूखना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। गर्मी से बचाव के उपाय


