जहानाबाद स्थित उर्दू कन्या मध्य विद्यालय में रविवार को बिहार राज्य भारत स्काउट और गाइड द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को स्वच्छता, नदी संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था। स्काउट एवं गाइड के सदस्यों ने बच्चों को स्वच्छ एवं निर्मल नदियों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि नदियाँ पेयजल, सिंचाई, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सदस्यों ने यह भी बताया कि नदियों में कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक फेंकने से जल प्रदूषण बढ़ता है, जिसका गंभीर दुष्प्रभाव जलीय जीवों के साथ-साथ मानव जीवन पर भी पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे नदियों और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्हें अपने आसपास के लोगों को भी इस दिशा में जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता और नदी संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। स्काउट एवं गाइड टीम ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। जहानाबाद स्थित उर्दू कन्या मध्य विद्यालय में रविवार को बिहार राज्य भारत स्काउट और गाइड द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को स्वच्छता, नदी संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था। स्काउट एवं गाइड के सदस्यों ने बच्चों को स्वच्छ एवं निर्मल नदियों के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि नदियाँ पेयजल, सिंचाई, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सदस्यों ने यह भी बताया कि नदियों में कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक फेंकने से जल प्रदूषण बढ़ता है, जिसका गंभीर दुष्प्रभाव जलीय जीवों के साथ-साथ मानव जीवन पर भी पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे नदियों और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्हें अपने आसपास के लोगों को भी इस दिशा में जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता और नदी संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। स्काउट एवं गाइड टीम ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।


