कानपुर नगर में अब गंभीर और जीवन-घातक परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था लागू की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य एम्बुलेंस को बिना किसी रुकावट के तेज और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने यह निर्णय लिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों की जान बचाने में देरी न हो। इस व्यवस्था से अस्पताल पहुंचने का समय कम होगा और शहर में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं अधिक प्रभावी और सुगम बन सकेंगी।
पुलिस ऑफिस में हुई समन्वय बैठक, लिया गया अहम निर्णय
यह महत्वपूर्ण निर्णय 31.03.2026 को पुलिस ऑफिस सभागार, कानपुर नगर में आयोजित समन्वय गोष्ठी के दौरान लिया गया। बैठक में ट्रैफिक पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान आपातकालीन मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाने, ट्रैफिक बाधाओं को तुरंत हटाने और एम्बुलेंस मूवमेंट को सुचारू बनाने पर जोर दिया गया। सभी पक्षों ने सहमति जताई कि जीवन बचाने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली बेहद जरूरी है। इसी के तहत ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था को लागू करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
ICCC में 24×7 ग्रीन कॉरिडोर सेल का गठन
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए Integrated Command and Control Centre (ICCC) में एक समर्पित ग्रीन कॉरिडोर सेल स्थापित किया गया है। यह सेल 24 घंटे तीन शिफ्टों में कार्य करेगा और एम्बुलेंस की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा। लाइव CCTV कैमरों और गूगल मैप्स की सहायता से एम्बुलेंस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर फील्ड यूनिट्स और ट्रैफिक पुलिस को तुरंत निर्देश भेजे जाएंगे। यह प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि किसी भी मार्ग पर जाम की स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर एम्बुलेंस को प्राथमिकता दी जा सके।
हेल्पलाइन नंबर जारी, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था लागू
इस नई व्यवस्था के तहत CUG/हेल्पलाइन नंबर 9454402413 जारी किया गया है, जिस पर एम्बुलेंस चालक सीधे संपर्क कर सकते हैं। वे कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप कॉल या लाइव लोकेशन साझा कर सकते हैं। सूचना मिलते ही संबंधित मार्ग की ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस को अलर्ट किया जाएगा और मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर खाली कराया जाएगा। जिन स्थानों पर जाम की संभावना होगी, वहां पहले से पुलिस बल तैनात रहेगा। इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज को न्यूनतम समय में अस्पताल पहुंचाकर उसका जीवन बचाया जा सके।


