आज शनिवार को शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या एक साथ मनाई जा रही है। यह संयोग 13साल बाद आया है। इस पर्व का पुण्य लाभ लेने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब नर्मदा के घाट और शनि मंदिर में उन रहा है। मां नर्मदा में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर, पूजन अर्चना कर रहे है। 5बजे से ही सेठानी घाट, कोरी घाट, गोंदरी घाट, विवेकानंद घाट समेत जिलेभर के घाटों पर स्नान का सिलसिला शुरू हुआ। जो दोपहर तक चलता रहेगा। नर्मदापुरम, इटारसी, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, विदिशा, समेत अलग अलग शहरों से हजारों श्रद्धालु नर्मदापुरम पहुंचे और नर्मदा में स्नान किया। गहरे पानी में जाने से रोकने अनाउंसमेंट कर रहे श्रद्धालुओं भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट। घाट पर राजस्व, पुलिस और होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगी है। किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए घाट पर तैनात होमगार्ड और SDRF (एसडीआरएफ) अनाउसमेंट कर गहरे पानी में जाने से रोक रहे है। शनि मंदिर में उमड़ श्रद्धालु, मनेगा जन्मोत्सव महाराज शनिदेव की आज शनिवार को जयंती है। जिससे सुबह से ही सेठानी घाट स्थित शनि मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मान्यता है कि यहां तेल चढ़ाने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है। मंदिर में पंचामृत पूजन, 56 भोग का प्रसाद लगेगा। मंदिर में पुष्प व विद्युत सज्जा की गई है। शनि मंदिर में श्रद्धालु तेल अर्पित करने के साथ नारियल, काला कपड़ा और काला तिल अर्पित कर दान-पुण्य कर रहे है। आयोजन समिति के अंकित सराठे ने सुबह 8 बजे अभिषेक पूजन एवं अर्चन किया गया। 10 बजे श्रृंगार एवं हवन हुआ। दोपहर 12 बजे प्रकटोत्सव महाआरती संपन्न होगी। दोपहर 1 बजे से भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन और रात्रि 8 बजे महाआरती होगी। महिलाएं कर रही वट सावित्री पूजन शनिचरी अमावस्या के साथ वट सावित्री अमावस्या भी है। महिलाएं सुबह से पीपल और वट के वृक्ष की पूजन करने पहुंची।


