इटावा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट विनीता विमल की अदालत ने करीब साढ़े चार साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला बकेवर क्षेत्र का है। पीड़िता पीलिया से पीड़ित थी। उसे सलेमपुर गांव में झाड़-फूंक से इलाज करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली थी। 24 अगस्त 2021 को किशोरी अपने बाबा के साथ इलाज कराने सलेमपुर निवासी सुभाष कठेरिया पुत्र बड़े लाल के पास पहुंची थी। झाड़-फूंक के बहाने कमरे में ले गया आरोप है कि सुभाष कठेरिया ने किशोरी के बाबा को घर के बाहर बैठा दिया और किशोरी को कमरे के अंदर ले गया। वहां उसने किशोरी को पकड़कर उसके साथ दुष्कर्म किया। कमरे से बाहर आने के बाद किशोरी ने अपने बाबा को पूरी घटना बताई। इसके बाद दोनों बकेवर थाने पहुंचे। पुलिस ने किशोरी की तहरीर पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद दाखिल हुआ आरोपपत्र पुलिस ने आरोपी सुभाष कठेरिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। किशोरी के बयान और मेडिकल परीक्षण के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी और दशरथ सिंह चौहान ने पैरवी की। पीड़िता को मिलेगी जुर्माने की राशि अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी। साथ ही जुर्माना जमा न करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


