एमपी में थाने के सामने बैठी पंचायत, ‘झगड़े’ में मांगे 20 लाख

एमपी में थाने के सामने बैठी पंचायत, ‘झगड़े’ में मांगे 20 लाख

MP News: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की बदनामी का प्रमुख कारण बन रहे झगड़ा और नातरा प्रथा पर अंकुश लगाने के बजाए पुलिस उल्टा उन्हें मौन सहमति दे रही है। शत-प्रतिशत कार्रवाई के बजाए मूकदर्शक बनी हुई है। ताजा मामला शुक्रवार को सामने आया, जब खिलचीपुर थाने के ठीक सामने और एसडीओपी कार्यालय के बाजू में झगड़ा पंचायत लगी। पंचायत में सरेआम धमकियां दी गईं, आग लगा देने की चेतावनी दी गई। 20 लाख का झगड़ा नहीं देने पर गांव में नुकसान की तक धमकी दी गई लेकिन मजाल है कि पुलिस कोई कार्रवाई कर दे। पुलिस ने न भीड़ को हटा पाना ठीक समझा न ही झगड़ा पंचायत लगाने वालों को।

थाने के सामने लगी झगड़ा पंचायत

बताया जाता है कि झगड़े से पीड़ित 16 साल की नाबालिग के परिजन थाने पहुंचे थे, जहां उन्होंने आवेदन दिया था। आरोप है कि पुलिस ने आवेदन लेने की जगह उलटे उन्हें ही सलाह दे दी कि आप लोग आपस में मामला निपटा लो। फिर क्या था खिलचीपुर में थाने के सामने ही सरेआम झगड़ा पंचायत लगी। जहां दोनों पक्षों की ओर से 11-11 हजार रुपए रखे गए। लड़का पक्ष ने कहा कि लड़की को भेजो, इस पर लड़की वालों ने कहा कि वह बालिग होगी तभी भेजेंगे। इसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। सरेआम धमकियां दी गईं कि या तो लड़की को भेजो या 20 लाख रुपए की राशि दो, नहीं दोगे तो आगजनी करेंगे, गांव वालों के यहां भी नुकसान करेंगे। हमारा कोई कुछ नहीं कर पाएगा।

10 साल की उम्र में शादी, 16 में ससुराल भेजने का दबाव

जानकारी के अनुसार एक गांव की 10 साल की नाबालिग का विवाह छह साल पहले कर दिया गया था। अब 16 साल की आयु में उसे ससुराल भेजने का दबाव बनाया जा रहा है। बालिका के परिजन का कहना है कि वह 18 साल की होगी तब हम भेजेंगे। इसे लेकर ही विवाद की स्थिति बनी। उसके ससुराल वालों ने कहा कि या तो 20 लाख रुपए का झगड़ा दे दो या फिर उसे ससुराल भेज दो। नहीं दिए तो हम नुकसान करेंगे।

फोटो खिंचाने से हुआ विवाद

बताया गया है कि जिस नाबालिग को ससुराल भेजने का दबाव बनाया जा रहा है। उसने हाल ही में अपने परिजन की एक शादी में किसी रिश्तेदार के साथ फोटो खिंचवा ली, जो कि आम तौर पर परिवारों में होता है। ये बात लड़की के ससुरालवालों को पसंद नहीं आई और उन्होंने इसका विरोध करते हुए नाबालिग को ससुराल भेजने का दबाव बनाया। मायके पक्ष ने बालिग होने पर भेजने की बात कही तो झगड़ा मांगने लगे और पंचायत लगाकर धमकी देकर सरेआम चले गए।

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