जहानाबाद में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। समाहरणालय स्थित इस दरबार में कुल 41 आवेदनों की सुनवाई हुई, जिसमें डीएम ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, विभागीय निर्देशों के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी विभागों में नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करना है। जनता दरबार में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने समाहरणालय के ग्राम प्लेक्स भवन में लोगों की शिकायतें सुनीं। सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित मामले सामने आए। इनमें शिक्षा विभाग से जुड़े विद्यालय नामांकन के 8, स्वास्थ्य विभाग के 2, अतिक्रमण के 7, परिमार्जन के 2, इंदिरा आवास योजना का 1, नाली-गली से जुड़े 2 और राशन कार्ड से संबंधित 1 आवेदन शामिल था। इसके अतिरिक्त, बिजली, जलजमाव और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित मामलों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अंचल अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी तरह, विद्यालय नामांकन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। इस अवसर पर विनय कुमार सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, होमा इरफान, पूनम कुमारी, विजेता रंजन, संजय कुमार सहित कई अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जहानाबाद में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। समाहरणालय स्थित इस दरबार में कुल 41 आवेदनों की सुनवाई हुई, जिसमें डीएम ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, विभागीय निर्देशों के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी विभागों में नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करना है। जनता दरबार में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने समाहरणालय के ग्राम प्लेक्स भवन में लोगों की शिकायतें सुनीं। सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित मामले सामने आए। इनमें शिक्षा विभाग से जुड़े विद्यालय नामांकन के 8, स्वास्थ्य विभाग के 2, अतिक्रमण के 7, परिमार्जन के 2, इंदिरा आवास योजना का 1, नाली-गली से जुड़े 2 और राशन कार्ड से संबंधित 1 आवेदन शामिल था। इसके अतिरिक्त, बिजली, जलजमाव और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित मामलों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अंचल अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी तरह, विद्यालय नामांकन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। इस अवसर पर विनय कुमार सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, होमा इरफान, पूनम कुमारी, विजेता रंजन, संजय कुमार सहित कई अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


