राजस्थान में नीट पेपर लीक कांड की परतें अब किसी थ्रिलर फिल्म की तरह खुल रही हैं। इस बार जांच की आंच दौसा के पंडित नवल किशोर शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज तक पहुँच गई है। पेपर लीक के मुख्य आरोपियों में शामिल मांगीलाल बिवाल की बेटी प्रगति बिवाल यहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, लेकिन जैसे ही सीबीआई ने शिकंजा कसा, प्रगति कॉलेज छोड़कर ‘लापता’ हो गई है।
दौसा मेडिकल कॉलेज में सन्नाटा, चर्चाएं तेज
प्रगति बिवाल एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक प्रकरण में पिता मांगीलाल और ताऊ दिनेश बिवाल की गिरफ्तारी के बाद प्रगति ने अचानक अवकाश का प्रार्थना पत्र दिया और कॉलेज से चली गई।
प्रगति पिछले दो दिनों से कॉलेज नहीं आ रही है। हालांकि परिजनों का कहना है कि प्रगति पढ़ाई में होशियार है और उसने अपनी मेहनत से चयन पाया है, लेकिन टाइमिंग को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक परिवार के 5 बच्चे मेडिकल कॉलेज में: इत्तेफाक या साजिश?

सीबीआई अब बिंवाल परिवार के उन सभी बच्चों की कुंडली खंगाल रही है जिनका पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ है। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है:
- प्रगति (बेटी): दौसा मेडिकल कॉलेज (MBBS प्रथम वर्ष)।
- विकास (बेटा): सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज (MBBS)।
- सानिया (भतीजी): सवाई मान सिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज, जयपुर।
- पलक (भतीजी): मुंबई, महाराष्ट्र के मेडिकल कॉलेज में।
- गुंजन (भतीजी): बनारस (UP) से मेडिकल शिक्षा।
जांच एजेंसी को शक है कि क्या इन सभी का चयन पारदर्शी तरीके से हुआ या इसमें भी ‘पेपर लीक’ वाले नेटवर्क का हाथ था।
जमवारामगढ़ में CBI का सर्च

गुरुवार को सीबीआई की एक विशेष टीम जयपुर के जमवारामगढ़ स्थित खटीक मोहल्ला पहुँची। यहाँ आरोपी भाइयों दिनेश और मांगीलाल बिंवाल के घर की सघन तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान घर पर पुरुष सदस्य नहीं थे। टीम ने आरोपियों की मां प्रभू देवी, पत्नियों रजनी और सोनू देवी से लंबी पूछताछ की।
सीबीआई दिनेश बिंवाल के फरार बेटे ऋषि की भी तलाश कर रही है, जो इस साल नीट का परीक्षार्थी था। टीम ने घर के पास बने फार्महाउस और खड़ी लग्जरी गाड़ियों की भी तलाशी ली। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
CBI की रडार पर 14 ठिकाने

नीट पेपर लीक की जांच अब दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक फैल चुकी है। सीबीआई ने हाल ही में:
महाराष्ट्र से गिरफ्तारियां: मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे को पकड़ा।
कुल गिरफ्तारियां: अब तक इस मामले में 7 लोग पकड़े जा चुके हैं।
रिमांड पर आरोपी: जयपुर के दिनेश, मांगीलाल और विकास समेत 5 आरोपियों को 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है।
अगर सीबीआई की जांच में यह साबित होता है कि बिंवाल परिवार के बच्चों का चयन भी गलत तरीके से हुआ है, तो यह राजस्थान के शिक्षा जगत का सबसे बड़ा स्कैम साबित होगा। फिलहाल, दौसा मेडिकल कॉलेज से प्रगति का ‘गायब’ होना इस मामले में कई नए राज खोल सकता है।


