नए सेशन में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप लेने के लिए आधार व बैंक खाता लिंक कराएं

भास्कर न्यूज | जालंधर साल 2026 में जालंधर सहित तमाम जिलों के 12,517 स्टूडेंट्स की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की रकम उतनी देर के लिए रुकी रही, जब तक वह अपने आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक नहीं करते हैं। जागरूकता की कमी और कालेजों की तरफ से बगैर आधार-बैंक खाता लिंक कराए ही युवाओं के वजीफा लेने के आवेदन स्वीकार करने से ऐसा हो रहा है। इन दिनों नए सेशन के दाखिले स्टार्ट हो गए हैं। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप लेने के लिए अपने आधार कार्ड व बैंक खातों को लिंक करे। अपने अनुसूचित जाति सर्टीफिकेट, आमदनी सर्टीफिकेट भी उपलब्ध नहीं हैं तो तुरंत बनवाएं। 2022–23 : आधार सीडिंग व बैंक त्रुटि, 20-03-2026, 2,392 2023–24 : आधार सीडिंग व बैंक त्रुटि, 20-03-2026, 1,572 2024–25 : आधार सीडिंग व बैंक त्रुटि, :20-03-2026, 2,018 2025–26 : आधार सीडिंग व बैंक त्रुटि, 24-04-2026, 6,535 कुल स्टूडेंट्स : 12,517 नाम लिखने में गलती : आधार कार्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम की लिखावट (स्पेलिंग) में थोड़ा भी अंतर होने पर कंप्यूटर उसे स्वीकार नहीं करता। बंद पड़े बैंक खाते : कई छात्रों ने लंबे समय से बैंक से कोई लेन-देन नहीं किया है, जिससे उनके खाते लेन-देन के लिए बंद हो गए थे। बाद में वजीफा लेने के लिए पहले इन्हें चालू कराना पड़ा। बैंकों की सुस्ती : कई बार छात्र बैंक में आधार जमा कर देते हैं, लेकिन बैंक कर्मचारी उसे सरकारी सिस्टम पर अपडेट करना भूल जाते हैं। पहचान की अधूरी प्रक्रिया : बैंकों में समय पर पहचान पुख्ता करने वाली केवाईसी प्रक्रिया पूरी न होने से भी यह समस्या बढ़ी है, जो छात्रों को परेशान कर सकती है। बैंक जाकर : अपनी बैंक शाखा में जाएं और आधार जोड़ने का फॉर्म भरकर उसके साथ आधार की फोटोकॉपी लगाएं। बैंक कर्मचारी से कहें कि इसे सरकारी सिस्टम पर जरूर अपलोड करे। इंटरनेट के जरिए : अगर आप इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करते हैं, तो वहां जाकर भी आधार जोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं। जांच : छात्र आधार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खुद देख सकते हैं कि उनका कौन सा बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ है। वजीफा न मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को कॉलेज की फीस भरने में भारी दिक्कत हो रही है। कई संस्थानों ने छात्रों पर फीस जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है, जिससे उनकी पढ़ाई बीच में ही छूटने का डर पैदा हो गया है। सरकारी पोर्टल पर आधार नहीं जुड़ा देखकर छात्र दफ्तरों और बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।

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