भास्कर न्यूज | जालंधर गुरुद्वारा नौवीं पातशाही दुख निवारण साहिब, गुरु तेग बहादर नगर में सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें चर्चा की गई कि सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हो रही बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए जो कानून बनाया है, उसमें कुछ धाराएं सही नहीं है। उसमें प्रयोग किए गए शब्द कस्टोडियन की व्याख्या सही नहीं है। रखरखाव करने वाला, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य, ग्रंथी सिंह, सेवादार और स्टाफ पर पर्चा किया जाएगा, जोकि सही नहीं है। सिख संगत ने मांग की है कि कानून में कठोर दंड से भी अधिक सख्त प्रावधान होने चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। अगर आम सिख समुदाय इसका दुरुपयोग करता है और उसे परेशान किया जाता है, तो लोग आपस में विवाद करने लगेंगे। समुदाय अपने घरों में अखंड पाठ करने से भी डर रहें है। सिख संगत ने सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की हैं ताकि सिख संगतों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस कानून के विरोध में, सभी सिख संगठनों और सेवा समितियों द्वारा रविवार 17 मई को शाम 4 बजे साहिब गुरु तेग बहादर नगर में एक विशेष सभा का आयोजन किया जाएगा। संपूर्ण नानक नाम लेवा संगत से इस सभा में यथासंभव भाग लेने का अनुरोध किया गया है। इस मौके पर एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण, इकबाल सिंह ढींडसा, कंवलजीत सिंह ओबेरॉय, कंवलजीत सिंह सेक्रेटरी, मंजीत सिंह ठुकराल, हरभजन सिंह सैनी, गुरबख्श सिंह जुनेजा, हरजिंदर सिंह, गुरकृपाल सिंह, हरजोत सिंह लक्की, सतपाल सिंह सिदकी, गुरमीत सिंह बिट्टू, राजबीर सिंह शंटी, मनबीर सिंह अकाली, जोगिंदर सिंह, रंजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, रविंदर सिंह, मंजीत सिंह, जगजीत सिंह आदि मौजूद रहे।


