नालंदा में महिला की मौत पर सदर अस्पताल में तोड़फोड़:परिजन और मेडिकलकर्मी, गार्डों के बीच चले लात-घूंसे; 2 घंटे तक चलता रहा हंगामा

नालंदा में महिला की मौत पर सदर अस्पताल में तोड़फोड़:परिजन और मेडिकलकर्मी, गार्डों के बीच चले लात-घूंसे; 2 घंटे तक चलता रहा हंगामा

नालंदा के सदर अस्पताल में गुरुवार को एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजन ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मृतक के परिजन और मेडिकलकर्मियों, अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर जान बचाकर भाग निकले। हद तो तब हो गई जब पुलिस की मौजूदगी में ही उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इंजेक्शन लगते ही तोड़ा दम, परिजनों का आरोप बड़ी पहाड़ी मोहल्ला निवासी स्व. कृष्णा प्रसाद की पत्नी की सीढ़ियों से गिरकर जख्मी होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि अस्पताल लाने के समय महिला पूरी तरह होश में थी और बातचीत कर रही थी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कंपाउंडर ने चिकित्सक के कहने पर जैसे ही महिला को इंजेक्शन लगाया, उसकी हालत बिगड़ने लगी और चंद मिनटों में ही उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही चिकित्सक और कर्मी वार्ड खाली कर फरार हो गए। इससे आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कई मरीज अपनी ड्रिप और इलाज को बीच में ही छोड़कर अस्पताल से भागने को मजबूर हो गए। बिजलीकर्मी के इलाज को लेकर भी भिड़े दो गुट अस्पताल में तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब करंट से झुलसे एक बिजली विभाग के कर्मी को देखने आए साथियों को गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। बात इतनी बढ़ी कि बिजली विभाग के कर्मियों और अस्पताल के सुरक्षा गार्डों के बीच जमकर मारपीट हुई। बाद में घायल बिजलीकर्मी को निजी अस्पताल रेफर करना पड़ा। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल इस पूरी घटना ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि अगर पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती, तो अस्पताल में तोड़फोड़ को रोका जा सकता था। उपाधीक्षक, सदर अस्पताल डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि मुझे तोड़फोड़ की सूचना मिली तो मैं अस्पताल पहुंचा। उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ. इरफान वहां मौजूद नहीं थे। उन्हें मरीज को छोड़कर नहीं जाना चाहिए था। यह सच है कि संबंधित चिकित्सक को इमरजेंसी ड्यूटी का पर्याप्त अनुभव नहीं था। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी। नालंदा के सदर अस्पताल में गुरुवार को एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजन ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मृतक के परिजन और मेडिकलकर्मियों, अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर जान बचाकर भाग निकले। हद तो तब हो गई जब पुलिस की मौजूदगी में ही उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इंजेक्शन लगते ही तोड़ा दम, परिजनों का आरोप बड़ी पहाड़ी मोहल्ला निवासी स्व. कृष्णा प्रसाद की पत्नी की सीढ़ियों से गिरकर जख्मी होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि अस्पताल लाने के समय महिला पूरी तरह होश में थी और बातचीत कर रही थी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कंपाउंडर ने चिकित्सक के कहने पर जैसे ही महिला को इंजेक्शन लगाया, उसकी हालत बिगड़ने लगी और चंद मिनटों में ही उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही चिकित्सक और कर्मी वार्ड खाली कर फरार हो गए। इससे आक्रोशित परिजनों ने इमरजेंसी वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान कई मरीज अपनी ड्रिप और इलाज को बीच में ही छोड़कर अस्पताल से भागने को मजबूर हो गए। बिजलीकर्मी के इलाज को लेकर भी भिड़े दो गुट अस्पताल में तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब करंट से झुलसे एक बिजली विभाग के कर्मी को देखने आए साथियों को गार्ड ने अंदर जाने से रोक दिया। बात इतनी बढ़ी कि बिजली विभाग के कर्मियों और अस्पताल के सुरक्षा गार्डों के बीच जमकर मारपीट हुई। बाद में घायल बिजलीकर्मी को निजी अस्पताल रेफर करना पड़ा। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल इस पूरी घटना ने जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि अगर पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती, तो अस्पताल में तोड़फोड़ को रोका जा सकता था। उपाधीक्षक, सदर अस्पताल डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि मुझे तोड़फोड़ की सूचना मिली तो मैं अस्पताल पहुंचा। उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ. इरफान वहां मौजूद नहीं थे। उन्हें मरीज को छोड़कर नहीं जाना चाहिए था। यह सच है कि संबंधित चिकित्सक को इमरजेंसी ड्यूटी का पर्याप्त अनुभव नहीं था। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।  

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