संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने NEET और अन्य परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 70 से अधिक परीक्षाएँ रद्द हो चुकी हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। गुरुवार शाम संभल के दीपा सराय स्थित अपने आवास पर बर्क ने कहा कि 22 लाख छात्रों ने कड़ी मेहनत, पैसा और उम्मीद के साथ परीक्षा की तैयारी की थी। हालांकि, बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से युवाओं को केवल निराशा हाथ लगी है। उन्होंने NTA और सरकार की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे सफल परीक्षाएँ आयोजित करने में लगातार विफल क्यों हो रहे हैं। सपा सांसद ने बताया कि यूपी पुलिस, बिहार पुलिस, शिक्षक भर्ती और जूनियर इंजीनियर जैसी कई बड़ी परीक्षाएँ भी पेपर लीक के दाग से अछूती नहीं रही हैं। उनके अनुसार, यह केवल एक गलती नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है। बर्क ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस दिनेश बिनवाल पर 30 लाख रुपये में पेपर खरीदकर लीक करने का आरोप है, वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भाजपा का कोई पदाधिकारी इस मामले में शामिल पाया जाता है, तो यह मुद्दा और भी गंभीर हो जाता है। उन्होंने कहा कि केवल छोटे लोगों को पकड़कर मामले को दबाया नहीं जा सकता, बल्कि पूरी व्यवस्था और सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बर्क ने मांग की कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जाँच तेजी से पूरी की जाए और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँ। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सरकार नौकरी तो दे नहीं पा रही, ऊपर से ईमानदार परीक्षाएँ भी नहीं करा पा रही। सबसे बड़ा नुकसान देश के युवाओं का हो रहा है।”


