Trump visits China: डोनाल्ड ट्रंप के लिए चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने नहीं तोड़ा प्रोटोकॉल, तो लोग निकालने लगे दूसरा मतलब

Trump visits China: डोनाल्ड ट्रंप के लिए चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने नहीं तोड़ा प्रोटोकॉल, तो लोग निकालने लगे दूसरा मतलब

Trump visits China: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय चीन के दौरे पर हैं। इस दौरान एयरपोर्ट पर डोनाल्ड ट्रंप को रिसीव करने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग नहीं आए। वहीं राष्ट्रपति समेत अमेरिकी डेलीगेशन को बीजिंग में उपराष्ट्रपति हान झेंग ने रिसीव किया। इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तमाम तरह का मतलब निकाला जा रहा है। हालांकि चीनी राष्ट्रपति ने कोई प्रोटोकॉल नहीं तोड़ा है। 

क्या है प्रोटोकॉल

बता दें कि चीनी परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति या शीर्ष नेता विदेशी मेहमानों का एयरपोर्ट पर स्वागत नहीं करते हैं। इसकी जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति, स्टेट काउंसिलर या फिर विदेश मंत्री की होती है। यही वजह है कि चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप का एयरपोर्ट पर स्वागत नहीं किया है। 

ट्रंप की 2017 की पिछली चीन यात्रा के दौरान भी उनकी अगवानी के लिए चीन की ओर से अपेक्षाकृत जूनियर अधिकारी, तत्कालीन स्टेट काउंसलर यांग जिएची को भेजा गया था।

किस-किसने किया स्वागत

हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत करने वालों में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग, चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड पर्ड्यू और अमेरिका में राजदूत शी फेंग शामिल थे।

ट्रंप के साथ पहुंचे कई कारोबारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चीनी दौरे पर कई कारोबारी भी पहुंचे। इनमें एलोन मस्क और जेन्सेन हुआंग शामिल हैं। मस्क की कंपनी टेस्ला की शंघाई में बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जबकि एनवीडिया अमेरिकी निर्यात प्रोत्साहन के कारण चीन में एडवांस एआई चिप्स की बिक्री को लेकर प्रभावित रही है।

लोगों ने निकाला अलग मतलब 

चीनी राष्ट्रपति द्वारा एयरपोर्ट पर डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत नहीं करने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग मतलब निकाल लिया। एक्स पर पोस्ट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि ट्रंप को चीन पहुंचते ही पहला झटका लगा है। उन्हें लगा था कि उनकी अगवानी के लिए शी जिनपिंग एयरपोर्ट पर तैनात होंगे और उनके साथ गले मिलेंगे।  लेकिन वे नहीं पहुंचे। ये एक कूटनीतिक संदेश है ट्रंप के लिए कि अगर वे सुपर पॉवर की तरह धौंस जमाने के ख्याल से आ रहे हैं तो भूल जाइए, यहाँ तुम्हारा बाप बैठा है। 

तय है कि अगले तीन दिन ट्रंप के लिए आसान नहीं होंगे। वे अमेरिकी धन्ना सेठों की बारात लेकर पहुँचे हैं। डर है कि कहीं बुरी तरह से बेइज्जती न हो जाए।

वहीं एक अन्य यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ट्रंप का स्वागत करने नहीं गए, बल्कि उन्होंने अपने कनिष्ठ अधिकारियों को भेजा। केवल ट्रंप नेतन्याहू को नेतन्याहू ट्रंप को सम्मान देगा। 

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