“मेरे बहनोई किसी दूसरे व्यक्ति को बचाने के लिए आगे बढ़े थे, लेकिन अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। अब परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। उनके बेटे को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए और परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। मेरी बहन अब कैसे जीवन चलाएगी, खाने तक का सहारा नहीं बचा है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर चले गए हैं।” दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के रामबाग गेट के पास गोलीकांड के शिकार चाय दुकानदार श्रवण राम की साली रूबी देवी ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि मेरे जीजा श्रवण राम ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और चाय बेचकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे। श्रवण राम एक बेटे और एक बेटी के पिता थे। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अविवाहित है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे एवं सरकारी नौकरी की मांग को लेकर हसन चौक पर सड़क जाम कर दिया। जाम का नेतृत्व जमाल हसन, राकेश नायक और भोलू यादव कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। करीब ढाई बजे एसडीएम और एसडीपीओ के समझाने-बुझाने तथा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया। श्रवण राम की हत्या कैसे, किसने और क्यों की? श्रवण राम के परिवार के लोगों ने क्या कहा? पुलिस ने हत्याकांड को लेकर क्या बताया? पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले वारदात से जु़ड़ी 3 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए, श्रवण राम की हत्या कैसे हुई दरअसल, रामबाग गेट के पास रहने वाले अमित कुमार सिंह बुधवार सुबह अपने घर से करीब 100 मीटर दूर दूध लेने निकले थे। इस दौरान उन्होंने एक दुकान से रजनीगंधा खरीदा और दूसरी दुकान की ओर बढ़ रहे थे। तभी पल्सर बाइक पर सवार दो अपराधी पीछे से पहुंचे और उनके गले की सोने की चेन छीनने का प्रयास करने लगे। अपराधियों ने अमित कुमार सिंह को पीछे से पकड़ लिया, लेकिन उन्होंने विरोध करते हुए भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी चेन टूट गई और उन्होंने एक अपराधी का पैर पकड़ लिया। अपराधियों ने अमित कुमार सिंह पर लगातार तीन राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इसी दौरान वहां मौजूद चाय दुकानदार श्रवण राम ने अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की। इससे नाराज अपराधियों ने श्रवण राम के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी खुलेआम पिस्तौल लहराते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय, सदर, नगर, कोतवाली, मब्बी, लहेरियासराय और सिमरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही एसडीपीओ सदर राजीव कुमार और एसडीएम विकास कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। ‘हमारा संसार उजड़ गया, दुनिया लुट गई’ मृतक श्रवण राम की पत्नी मीरा देवी का घटना के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। उन्होंने कहा कि हमारा संसार उजड़ गया, दुनिया लुट गई। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा। मेरे बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। मेरा जीवन अंधेरा हो गया है। सरकार से मांग है कि मेरे बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को मुआवजा मिले, ताकि किसी तरह जीवन चल सके। उन्होंने कहा कि मेरे पति किसी दूसरे व्यक्ति को बचाने के लिए आगे बढ़े थे, लेकिन अपराधियों ने उनकी जान ले ली। अधिकारी आए, आश्वासन देकर चले गए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। सिर्फ बोलकर चले गए हैं। मीरा देवी ने बताया कि उनके पति सुबह दुकान के लिए सामान और बर्फ लेकर घर से निकले थे। सारा सामान वहीं पड़ा हुआ है। अगर हमें जरा भी अंदेशा होता कि ऐसा कुछ हो जाएगा, तो हम उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने देते, यह कहते हुए वह फूट-फूटकर रोने लगीं। मृतक श्रवण राम की 75 वर्षीय बुजुर्ग मां इंदिरा देवी बेटे की मौत के बाद छाती पीट-पीटकर रो रही थीं। उन्होंने कहा, “मेरे बेटा को गोली मार दिया। अब हम लोगों का सहारा कौन होगा? हम खुद बुजुर्ग हैं। बेटा ही घर चलाता था। अब हमारा खर्च कौन देगा, हम लोग कैसे जिएंगे?” दरभंगा ग्रामीण के विधायक बोले- पीड़ित के परिवार से मेरा पारिवारिक संबंध दरभंगा ग्रामीण के विधायक ईश्वर मंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मृतक श्रवण राम के परिवार से उनका पारिवारिक संबंध रहा है और इस दुख की घड़ी में वे पूरी तरह परिवार के साथ खड़े हैं। विधायक ईश्वर मंडल ने कहा कि अपराधी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। प्रशासन से लगातार बातचीत की जा रही है। हमारी प्राथमिकता है कि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। ‘सरकार से पीड़ित परिवार के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग करुंगी’ भाजपा नेता मीणा झा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि वह सरकार से परिवार के लिए सरकारी नौकरी एवं उचित मुआवजे की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि ये बेहद दुखद घटना है। हम लोग परिवार के साथ खड़े हैं। सम्राट चौधरी की सरकार में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करेगी और कड़ी कार्रवाई होगी। परिवार को मुआवजा और सरकारी सहायता मिलनी चाहिए। मीणा झा ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दरभंगा में अपराध फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष सपना भारती ने भी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति दूसरे को बचाने के लिए आगे बढ़ा और अपराधियों ने उसकी हत्या कर दी। यह बेहद चिंताजनक है। सरकार से मांग है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में अपराध करने से पहले अपराधी डरें। पीड़ित परिवार की सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे की मांग को भी सरकार को गंभीरता से पूरा करना चाहिए। अब जानिए, वारदात को लेकर पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची वारदात को लेकर सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने कहा कि पुलिस लगातार मामले की जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार से बातचीत की गई है और परिवार की ओर से जो मांगें रखी गई हैं, उन्हें एसडीएम के माध्यम से सरकार तक भेजा जा रहा है। एसडीपीओ राजीव कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने हसन चौक को अपने राजनीतिक स्वार्थ में जाम कर रखा था, जिसे समझाकर हटाया गया। पुलिस के पास अपराधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल चुकी है और बहुत जल्द अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस अनुसंधान में जुटी हुई है और पूरे मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। अभी यह इन्वेस्टिगेशन का पार्ट है, इसलिए ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते। हमारी पूरी टीम छापेमारी के लिए निकली हुई है। गिरफ्तारी बहुत जल्द हो जाएगी। प्राथमिक जांच के आधार पर एसडीपीओ ने कहा कि मामला प्रथम दृष्टया चेन छिनतई से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो मीडिया को उसकी जानकारी दी जाएगी। जमीन विवाद से जुड़ा हो सकता है पूरा मामला सूत्रों के अनुसार, पूरा मामला भूमि विवाद से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि अमित कुमार सिंह और उनके दो अन्य साझेदारों ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में करीब 78 कट्ठा यानी लगभग चार बीघा जमीन खरीदी थी। हालांकि उस जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जमीन की घेराबंदी के लिए वहां ईंट गिराई गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद को लेकर अपराधी अमित कुमार सिंह को डराने या निशाना बनाने पहुंचे थे, लेकिन घटना में श्रवण राम की जान चली गई। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। “मेरे बहनोई किसी दूसरे व्यक्ति को बचाने के लिए आगे बढ़े थे, लेकिन अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। अब परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है। उनके बेटे को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए और परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। मेरी बहन अब कैसे जीवन चलाएगी, खाने तक का सहारा नहीं बचा है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर चले गए हैं।” दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के रामबाग गेट के पास गोलीकांड के शिकार चाय दुकानदार श्रवण राम की साली रूबी देवी ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि मेरे जीजा श्रवण राम ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और चाय बेचकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करते थे। श्रवण राम एक बेटे और एक बेटी के पिता थे। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटा अविवाहित है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे एवं सरकारी नौकरी की मांग को लेकर हसन चौक पर सड़क जाम कर दिया। जाम का नेतृत्व जमाल हसन, राकेश नायक और भोलू यादव कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। करीब ढाई बजे एसडीएम और एसडीपीओ के समझाने-बुझाने तथा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया। श्रवण राम की हत्या कैसे, किसने और क्यों की? श्रवण राम के परिवार के लोगों ने क्या कहा? पुलिस ने हत्याकांड को लेकर क्या बताया? पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले वारदात से जु़ड़ी 3 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए, श्रवण राम की हत्या कैसे हुई दरअसल, रामबाग गेट के पास रहने वाले अमित कुमार सिंह बुधवार सुबह अपने घर से करीब 100 मीटर दूर दूध लेने निकले थे। इस दौरान उन्होंने एक दुकान से रजनीगंधा खरीदा और दूसरी दुकान की ओर बढ़ रहे थे। तभी पल्सर बाइक पर सवार दो अपराधी पीछे से पहुंचे और उनके गले की सोने की चेन छीनने का प्रयास करने लगे। अपराधियों ने अमित कुमार सिंह को पीछे से पकड़ लिया, लेकिन उन्होंने विरोध करते हुए भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी चेन टूट गई और उन्होंने एक अपराधी का पैर पकड़ लिया। अपराधियों ने अमित कुमार सिंह पर लगातार तीन राउंड फायरिंग की, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। इसी दौरान वहां मौजूद चाय दुकानदार श्रवण राम ने अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की। इससे नाराज अपराधियों ने श्रवण राम के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी खुलेआम पिस्तौल लहराते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय, सदर, नगर, कोतवाली, मब्बी, लहेरियासराय और सिमरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही एसडीपीओ सदर राजीव कुमार और एसडीएम विकास कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। ‘हमारा संसार उजड़ गया, दुनिया लुट गई’ मृतक श्रवण राम की पत्नी मीरा देवी का घटना के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। उन्होंने कहा कि हमारा संसार उजड़ गया, दुनिया लुट गई। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा। मेरे बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। मेरा जीवन अंधेरा हो गया है। सरकार से मांग है कि मेरे बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए और परिवार को मुआवजा मिले, ताकि किसी तरह जीवन चल सके। उन्होंने कहा कि मेरे पति किसी दूसरे व्यक्ति को बचाने के लिए आगे बढ़े थे, लेकिन अपराधियों ने उनकी जान ले ली। अधिकारी आए, आश्वासन देकर चले गए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। सिर्फ बोलकर चले गए हैं। मीरा देवी ने बताया कि उनके पति सुबह दुकान के लिए सामान और बर्फ लेकर घर से निकले थे। सारा सामान वहीं पड़ा हुआ है। अगर हमें जरा भी अंदेशा होता कि ऐसा कुछ हो जाएगा, तो हम उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने देते, यह कहते हुए वह फूट-फूटकर रोने लगीं। मृतक श्रवण राम की 75 वर्षीय बुजुर्ग मां इंदिरा देवी बेटे की मौत के बाद छाती पीट-पीटकर रो रही थीं। उन्होंने कहा, “मेरे बेटा को गोली मार दिया। अब हम लोगों का सहारा कौन होगा? हम खुद बुजुर्ग हैं। बेटा ही घर चलाता था। अब हमारा खर्च कौन देगा, हम लोग कैसे जिएंगे?” दरभंगा ग्रामीण के विधायक बोले- पीड़ित के परिवार से मेरा पारिवारिक संबंध दरभंगा ग्रामीण के विधायक ईश्वर मंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मृतक श्रवण राम के परिवार से उनका पारिवारिक संबंध रहा है और इस दुख की घड़ी में वे पूरी तरह परिवार के साथ खड़े हैं। विधायक ईश्वर मंडल ने कहा कि अपराधी किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। प्रशासन से लगातार बातचीत की जा रही है। हमारी प्राथमिकता है कि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा। ‘सरकार से पीड़ित परिवार के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग करुंगी’ भाजपा नेता मीणा झा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि वह सरकार से परिवार के लिए सरकारी नौकरी एवं उचित मुआवजे की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि ये बेहद दुखद घटना है। हम लोग परिवार के साथ खड़े हैं। सम्राट चौधरी की सरकार में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस जल्द अपराधियों को गिरफ्तार करेगी और कड़ी कार्रवाई होगी। परिवार को मुआवजा और सरकारी सहायता मिलनी चाहिए। मीणा झा ने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दरभंगा में अपराध फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष सपना भारती ने भी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति दूसरे को बचाने के लिए आगे बढ़ा और अपराधियों ने उसकी हत्या कर दी। यह बेहद चिंताजनक है। सरकार से मांग है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में अपराध करने से पहले अपराधी डरें। पीड़ित परिवार की सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे की मांग को भी सरकार को गंभीरता से पूरा करना चाहिए। अब जानिए, वारदात को लेकर पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची वारदात को लेकर सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने कहा कि पुलिस लगातार मामले की जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार से बातचीत की गई है और परिवार की ओर से जो मांगें रखी गई हैं, उन्हें एसडीएम के माध्यम से सरकार तक भेजा जा रहा है। एसडीपीओ राजीव कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने हसन चौक को अपने राजनीतिक स्वार्थ में जाम कर रखा था, जिसे समझाकर हटाया गया। पुलिस के पास अपराधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल चुकी है और बहुत जल्द अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस अनुसंधान में जुटी हुई है और पूरे मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। अभी यह इन्वेस्टिगेशन का पार्ट है, इसलिए ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते। हमारी पूरी टीम छापेमारी के लिए निकली हुई है। गिरफ्तारी बहुत जल्द हो जाएगी। प्राथमिक जांच के आधार पर एसडीपीओ ने कहा कि मामला प्रथम दृष्टया चेन छिनतई से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आता है तो मीडिया को उसकी जानकारी दी जाएगी। जमीन विवाद से जुड़ा हो सकता है पूरा मामला सूत्रों के अनुसार, पूरा मामला भूमि विवाद से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि अमित कुमार सिंह और उनके दो अन्य साझेदारों ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में करीब 78 कट्ठा यानी लगभग चार बीघा जमीन खरीदी थी। हालांकि उस जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को जमीन की घेराबंदी के लिए वहां ईंट गिराई गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद को लेकर अपराधी अमित कुमार सिंह को डराने या निशाना बनाने पहुंचे थे, लेकिन घटना में श्रवण राम की जान चली गई। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।


