एमपी में विधानसभा चुनाव में भले ही ढ़ाई साल का वक्त बाकी हो लेकिन, कांग्रेस अब चुनाव में मजबूती से उतरने के लिए संगठन तैयार करने पर फोकस कर रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद एमपी में संगठन की समीक्षा करेंगे। अगले महीने उज्जैन और रीवा संभाग में राहुल गांधी खुद अब तक के कामों और संगठन की समीक्षा करेंगे। संगठन सृजन अभियान को हो रहे एक साल पूरे अगले महीने जून में एमपी के संगठन सृजन अभियान के एक साल पूरे हो रहे हैं। पिछले साल 3 जून को भोपाल के रवीन्द्र भवन से राहुल गांधी ने संगठन सृजन अभियान का शुभारंभ किया था। इसके बाद कांग्रेस ने देश भर के अलग-अलग नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर जिला अध्यक्षों के नाम चुने गए थे। कैम्पेन की लॉन्चिंग के 74 दिन बाद 16 अगस्त को सभी 71 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई थी। रेंडम वेरिफिकेशन कर सकते हैं राहुल एमपी संगठन में की गई नियुक्तियों के बाद अब राहुल गांधी संभागवार समीक्षा में किसी भी स्तर के पदाधिकारी से सवाल-जवाब कर सकते हैं। राहुल समीक्षा के दौरान किसी भी बूथ समिति, पंचायत, वार्ड समिति में शामिल सदस्य से मोबाइल पर बात करके भी वेरिफिकेशन और अब तक किए गए कामों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। जिले स्तर से हो रही क्रॉस चेकिंग अब तक जितनी भी नियुक्तियां हुई हैं। उनकी हर जिले में क्रॉस चेकिंग और वेरिफिकेशन का काम तेजी से किया जा रहा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से लेकर हर स्तर के नेता बूथ समिति, पंचायत समिति, वार्ड समिति में शामिल किए गए सदस्यों का वेरिफिकेशन कर रहे हैं। रीवा और उज्जैन संभाग की समीक्षा कर सकते हैं राहुल गांधी एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले ने बताया जिस प्रकार से संगठन सृजन का कार्यक्रम पिछले एक साल से चला आ रहा था वो लगभग पूर्णता की ओर है। कांग्रेस की सभी कमेटियां लगभग बन चुकी हैं। हमारे विधानसभा प्रभारी अपनी विधानसभाओं में सभी समितियों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। ताकि हमें यह पता चल सके कि जिनकी नियुक्तियां हमने की हैं जिलाध्यक्ष, विधायक या अन्य लोगों ने जो नियुक्तियां करवाईं हैं वो कितनी सही है जो पदाधिकारी हैं उनके सत्यापन के साथ ही अब हम उनका प्रशिक्षण करने जा रहे हैं। दो दिनों का प्रशिक्षण मंडलम स्तर तक पहले चरण में होगा। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेतागण समयानुसार शामिल हो सकते हैं। टीम गठन और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद हम राहुल जी को एक-एक संभाग में आमंत्रित करेंगे। यदि राहुल जी पदाधिकारियों की उपलब्ध सूची में से किसी को फोन लगाएं या वहीं पर खड़ाकर सवाल पूछें तो वह व्यक्ति वहां पर मिलना चाहिए। इसी तरह का प्रयास मप्र कांग्रेस कमेटी का है। पहले चरण में रीवा और उज्जैन संभाग में राहुल जी को बुलाने की योजना बनाई है।


