प्रतापगढ़ के देहात कोतवाली क्षेत्र के बहलोलपुर गांव में शिक्षामित्र योगेंद्र सरोज ने अपने घर के कमरे में तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। प्राथमिक विद्यालय से घर लौटने के बाद सोमवार शाम को उन्होंने यह कदम उठाया। आनन-फानन में योगेंद्र को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। योगेंद्र सरोज गांव के ही बहलोलपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। उनके भाई ने बताया कि योगेंद्र कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। माना जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। योगेंद्र सरोज का विवाह 14 वर्ष पूर्व हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें रितिका 12 वर्ष और विनीता 8 वर्ष की हैं। इस घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और दोनों बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।


