ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की हटाई गई Z+ सुरक्षा, CM शुभेंदु अधिकारी के पद संभालते ही बड़ा फैसला

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की हटाई गई Z+ सुरक्षा, CM शुभेंदु अधिकारी के पद संभालते ही बड़ा फैसला

Abhishek Banerjee Z+ security Down: ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की Z प्लस सुरक्षा हटा ली गई है। अब उन्हें सांसदों को मिलने वाली सामान्य सुरक्षा दी जाएगी। 

पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के पहले दिन सुरक्षा समीक्षा के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की Z प्लस सुरक्षा हटा ली गई है। अब उन्हें सांसदों को मिलने वाली सामान्य सुरक्षा दी जाएगी।

कलकत्ता पुलिस ने अभिषेक के हरीश मुखर्जी रोड वाले आवास ‘शांतिनिकेतन’ और कैमाक स्ट्रीट ऑफिस के बाहर लगी अतिरिक्त सुरक्षा फौरन वापस ले ली है।

सत्ता गई, सुरक्षा भी घट गई

बीजेपी के 207 सीटों पर जीत हासिल करने और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पुलिस ने सुरक्षा की समीक्षा की। ममता बनर्जी के आवास पर भी यही हुआ। सुबह-सुबह अतिरिक्त जवान, स्कैनर मशीनें और एरिया मैनेजमेंट वाले पुलिस वाले हटा दिए गए।

क्या है Z+ सुरक्षा?

Z+ सुरक्षा में सीआरपीएफ कमांडो, लोकल पुलिस और जरूरत पड़ने पर एनएसजी के जवान मिलते हैं। यह 24 घंटे घर, यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा देते हैं।

अभिषेक बनर्जी को पहले यह सुरक्षा मिली हुई थी और अब भी वही रहेगी। लेकिन एक्स्ट्रा लेयर हटने से उनका मूवमेंट अब पहले जितना भारी-भरकम नहीं रहेगा। कोई एडवांस रूट चेकिंग या ट्रैफिक क्लियरेंस भी नहीं होगी।

TMC में हड़कंप, बीजेपी का बचाव

इस फैसले को लेकर टीएमसी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। कई नेता इसे राजनीतिक बदला बताते हुए कह रहे हैं कि सत्ता चली गई तो सुरक्षा भी चली गई। दूसरी तरफ भाजपा समर्थक इसे सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं।

क्या हैं राजनीतिक मायने

यह घटना सिर्फ सुरक्षा नहीं, सत्ता परिवर्तन का प्रतीक बन गई है। 15 साल तक तृणमूल की सरकार के बाद भाजपा का राज शुरू होते ही पुरानी ताकतवर परिवार की सुरक्षा में कटौती हो गई। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों पर इसका असर पड़ा है।

राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि नई सरकार कानून का राज कायम करना चाहती है। लेकिन TMC इसे लक्षित कार्रवाई बता रही है। भविष्य में सुरक्षा की समीक्षा और बदलाव होते रहेंगे।

अभिषेक बनर्जी अभी इस मुद्दे पर चुप हैं, लेकिन पार्टी स्तर पर चर्चा तेज है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह नया अध्याय शुरू हो गया है, जहां पुरानी सुरक्षा और सुविधाएं अब सामान्य स्तर पर आ रही हैं।

  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *