सुपौल अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार को EOU का नोटिस:आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, निजी ड्राइवर से भी होगी पूछताछ

सुपौल अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार को EOU का नोटिस:आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, निजी ड्राइवर से भी होगी पूछताछ

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार को आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें सोमवार को EOU मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में उनके निजी चालक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार, EOU विशेष रूप से संपत्तियों के स्रोत, बैंकिंग गतिविधियों, नकदी के उपयोग और करीबी लोगों के नाम पर की गई खरीदारी से जुड़े सवाल पूछ सकती है। जांच एजेंसी को इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है। इससे पहले 6 मई को EOU ने अमरेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुपौल और पटना स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। पहले पटना और सुपौल में छापेमारी की तस्वीर देखिए… पूछताछ में जवाबों, दस्तावेजों के आधार पर होगी कार्रवाई जानकारी के मुताबिक, एजेंसी के पास कई अहम जानकारियां और प्राथमिक साक्ष्य मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान प्राप्त जवाबों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। EOU सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है। EOU पहले से ही अमरेंद्र कुमार से जुड़े कई आर्थिक पहलुओं की जांच कर रही थी। सीधे पूछताछ के लिए बुलाए जाना मामले में नया मोड़ माना जा रहा है। ड्राइवर से भी होगी पूछताछ मामले में निजी चालक को नोटिस दिए जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को शक है कि चालक कई अहम गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी रखता हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, EOU यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अमरेंद्र कुमार की संपत्तियों के संचालन, नकदी के आवागमन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों में चालक की कोई भूमिका रही है या नहीं। जांच एजेंसियां अक्सर ऐसे मामलों में करीबी कर्मचारियों और सहयोगियों से पूछताछ कर आर्थिक गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करती हैं। चालक से यात्रा विवरण, विभिन्न स्थानों पर आवाजाही, संपत्तियों के उपयोग और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। जांच के दायरे में जमीन, फ्लैट और बैंक खाते EOU की जांच फिलहाल अमरेंद्र कुमार की कथित बेनामी संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन पर केंद्रित है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई जमीन, फ्लैट, बैंक खाते और निवेश से जुड़े दस्तावेज एजेंसी के रडार पर आए हैं। परिवार और करीबी लोगों के नाम पर संपत्ति खरीदने के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं अवैध तरीके से अर्जित धन को अलग-अलग माध्यमों से निवेश तो नहीं किया गया। फिलहाल, EOU बैंक ट्रांजैक्शन, नकद जमा, संपत्ति खरीद-बिक्री और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है। पहले 5 ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी इससे पहले EOU ने अमरेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। जांच में खुलासा हुआ था कि उन्होंने अपने 15 साल के सेवाकाल में करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। EOU लगातार मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाने और तकनीकी साक्ष्य इकट्ठा करने में लगी हुई थी। आय से 65% ज्यादा संपत्ति का खुलासा अमरेन्द्र कुमार वर्ष 2010 में बीपीएससी से चयनित अधिकारी हैं। EOU की प्रारंभिक जांच में करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ था, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 65 प्रतिशत अधिक बताई गई। हालांकि, तलाशी में मिले दस्तावेजों के आधार पर कुल संपत्ति का बाजार मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। सिलीगुड़ी में 4 करोड़ की जमीन, नकद में किया गया भुगतान छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में खरीदी गई जमीन को लेकर हुआ। जांच में पता चला कि अमरेन्द्र कुमार की पत्नी नीता कुमारी के नाम पर करीब 25 कट्ठा जमीन खरीदी गई है। जमीन की कुल कीमत करीब 4 करोड़ रुपए हैं, जिसे 15 लाख रुपए प्रति कट्ठा नगद भुगतान कर क्रय किया गया था। इतना ही नहीं, इस जमीन की बाउंड्री कराने में भी करीब 25 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इन सभी खर्चों के दस्तावेज और साक्ष्य टीम को तलाशी के दौरान मिले हैं। पटना के फ्लैट पर 1.5 करोड़ का खर्च पटना के आशियाना दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 305 को वर्ष 2021 में करीब 65 लाख रुपए में खरीदा गया था। लेकिन जांच में सामने आया है कि इस फ्लैट को लग्जरी तरीके से सजाने में करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसमें महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं। इसके अलावा, सोनपुर (सारण) में उनकी सास गायत्री देवी के नाम पर करीब 3 कट्ठा जमीन (कीमत लगभग 4.5 लाख रुपए के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। महंगी गाड़ियां, स्कूटी और करोड़ों के गहने छापेमारी के दौरान अमरेन्द्र कुमार की लाइफस्टाइल भी सामने आई। अमरेंद्र कुमार के पास 2 महिंद्रा स्कॉर्पियो (2023 और 2024 मॉडल) जिसकी कीमत करीब 42 लाख रुपए नकद भुगतान कर खरीदा गया वही 1 स्कूटी जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपए हैं।
सोने-चांदी के गहने 1.18 करोड़ से अधिक गहनों की खरीद से जुड़े कई बिल और इनवॉइस भी जब्त किए गए हैं, जिससे इनके बड़े पैमाने पर खरीद की पुष्टि होती है। बैंक खाते, बीमा और निवेश का नेटवर्क EOU की जांच में वित्तीय लेन-देन और निवेश का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। इन सभी निवेशों के दस्तावेज तलाशी के दौरान जब्त किए गए हैं। दूसरे खातों में नकद जमा, संदिग्ध लेन-देन जांच में यह भी सामने आया है कि अमरेन्द्र कुमार ने अपने अलावा अन्य लोगों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया। उमेश प्रसाद साहा नाम के व्यक्ति के केनरा बैंक खाते में 4 और 5 मई 2026 को कुल 4 लाख रुपए नकद जमा कराने के साक्ष्य मिले हैं। EOU अब इस लेन-देन की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पैसों का असली स्रोत क्या है। नकद राशि और महंगे खर्च के बिल भी बरामद सुपौल स्थित किराये के आवास से 86,500 रुपए नकद बरामद किए गए। इसके अलावा तलाशी के दौरान कई महंगे खर्चों के बिल भी मिले हैं, जो अभियुक्त की खर्च करने की क्षमता और आय के बीच अंतर को दिखाते हैं। इनमें शामिल हैं, संपत्ति छिपाने के लिए दूसरों के नाम पर निवेश जांच एजेंसी को ऐसे भी साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि अमरेन्द्र कुमार ने अपनी संपत्ति छिपाने के लिए अन्य लोगों के नाम का सहारा लिया। इसमें परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम पर भी संपत्ति और निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेंद्र कुमार को आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें सोमवार को EOU मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में उनके निजी चालक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सूत्रों के अनुसार, EOU विशेष रूप से संपत्तियों के स्रोत, बैंकिंग गतिविधियों, नकदी के उपयोग और करीबी लोगों के नाम पर की गई खरीदारी से जुड़े सवाल पूछ सकती है। जांच एजेंसी को इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है। इससे पहले 6 मई को EOU ने अमरेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुपौल और पटना स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। पहले पटना और सुपौल में छापेमारी की तस्वीर देखिए… पूछताछ में जवाबों, दस्तावेजों के आधार पर होगी कार्रवाई जानकारी के मुताबिक, एजेंसी के पास कई अहम जानकारियां और प्राथमिक साक्ष्य मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान प्राप्त जवाबों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। EOU सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है। EOU पहले से ही अमरेंद्र कुमार से जुड़े कई आर्थिक पहलुओं की जांच कर रही थी। सीधे पूछताछ के लिए बुलाए जाना मामले में नया मोड़ माना जा रहा है। ड्राइवर से भी होगी पूछताछ मामले में निजी चालक को नोटिस दिए जाने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को शक है कि चालक कई अहम गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी रखता हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, EOU यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अमरेंद्र कुमार की संपत्तियों के संचालन, नकदी के आवागमन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों में चालक की कोई भूमिका रही है या नहीं। जांच एजेंसियां अक्सर ऐसे मामलों में करीबी कर्मचारियों और सहयोगियों से पूछताछ कर आर्थिक गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करती हैं। चालक से यात्रा विवरण, विभिन्न स्थानों पर आवाजाही, संपत्तियों के उपयोग और अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। जांच के दायरे में जमीन, फ्लैट और बैंक खाते EOU की जांच फिलहाल अमरेंद्र कुमार की कथित बेनामी संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन पर केंद्रित है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई जमीन, फ्लैट, बैंक खाते और निवेश से जुड़े दस्तावेज एजेंसी के रडार पर आए हैं। परिवार और करीबी लोगों के नाम पर संपत्ति खरीदने के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं अवैध तरीके से अर्जित धन को अलग-अलग माध्यमों से निवेश तो नहीं किया गया। फिलहाल, EOU बैंक ट्रांजैक्शन, नकद जमा, संपत्ति खरीद-बिक्री और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है। पहले 5 ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी इससे पहले EOU ने अमरेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। जांच में खुलासा हुआ था कि उन्होंने अपने 15 साल के सेवाकाल में करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। EOU लगातार मामले से जुड़े दस्तावेज जुटाने और तकनीकी साक्ष्य इकट्ठा करने में लगी हुई थी। आय से 65% ज्यादा संपत्ति का खुलासा अमरेन्द्र कुमार वर्ष 2010 में बीपीएससी से चयनित अधिकारी हैं। EOU की प्रारंभिक जांच में करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ था, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 65 प्रतिशत अधिक बताई गई। हालांकि, तलाशी में मिले दस्तावेजों के आधार पर कुल संपत्ति का बाजार मूल्य 10 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। सिलीगुड़ी में 4 करोड़ की जमीन, नकद में किया गया भुगतान छापेमारी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में खरीदी गई जमीन को लेकर हुआ। जांच में पता चला कि अमरेन्द्र कुमार की पत्नी नीता कुमारी के नाम पर करीब 25 कट्ठा जमीन खरीदी गई है। जमीन की कुल कीमत करीब 4 करोड़ रुपए हैं, जिसे 15 लाख रुपए प्रति कट्ठा नगद भुगतान कर क्रय किया गया था। इतना ही नहीं, इस जमीन की बाउंड्री कराने में भी करीब 25 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इन सभी खर्चों के दस्तावेज और साक्ष्य टीम को तलाशी के दौरान मिले हैं। पटना के फ्लैट पर 1.5 करोड़ का खर्च पटना के आशियाना दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 305 को वर्ष 2021 में करीब 65 लाख रुपए में खरीदा गया था। लेकिन जांच में सामने आया है कि इस फ्लैट को लग्जरी तरीके से सजाने में करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसमें महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं। इसके अलावा, सोनपुर (सारण) में उनकी सास गायत्री देवी के नाम पर करीब 3 कट्ठा जमीन (कीमत लगभग 4.5 लाख रुपए के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। महंगी गाड़ियां, स्कूटी और करोड़ों के गहने छापेमारी के दौरान अमरेन्द्र कुमार की लाइफस्टाइल भी सामने आई। अमरेंद्र कुमार के पास 2 महिंद्रा स्कॉर्पियो (2023 और 2024 मॉडल) जिसकी कीमत करीब 42 लाख रुपए नकद भुगतान कर खरीदा गया वही 1 स्कूटी जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपए हैं।
सोने-चांदी के गहने 1.18 करोड़ से अधिक गहनों की खरीद से जुड़े कई बिल और इनवॉइस भी जब्त किए गए हैं, जिससे इनके बड़े पैमाने पर खरीद की पुष्टि होती है। बैंक खाते, बीमा और निवेश का नेटवर्क EOU की जांच में वित्तीय लेन-देन और निवेश का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। इन सभी निवेशों के दस्तावेज तलाशी के दौरान जब्त किए गए हैं। दूसरे खातों में नकद जमा, संदिग्ध लेन-देन जांच में यह भी सामने आया है कि अमरेन्द्र कुमार ने अपने अलावा अन्य लोगों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया। उमेश प्रसाद साहा नाम के व्यक्ति के केनरा बैंक खाते में 4 और 5 मई 2026 को कुल 4 लाख रुपए नकद जमा कराने के साक्ष्य मिले हैं। EOU अब इस लेन-देन की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पैसों का असली स्रोत क्या है। नकद राशि और महंगे खर्च के बिल भी बरामद सुपौल स्थित किराये के आवास से 86,500 रुपए नकद बरामद किए गए। इसके अलावा तलाशी के दौरान कई महंगे खर्चों के बिल भी मिले हैं, जो अभियुक्त की खर्च करने की क्षमता और आय के बीच अंतर को दिखाते हैं। इनमें शामिल हैं, संपत्ति छिपाने के लिए दूसरों के नाम पर निवेश जांच एजेंसी को ऐसे भी साक्ष्य मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि अमरेन्द्र कुमार ने अपनी संपत्ति छिपाने के लिए अन्य लोगों के नाम का सहारा लिया। इसमें परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम पर भी संपत्ति और निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं।  

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