रायबरेली के ऊंचाहार से बागी विधायक मनोज कुमार पांडे को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। हालांकि, उनके घर के सामने सन्नाटा पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण तक किसी भी प्रकार की भीड़ या समर्थकों को वहां मौजूद रहने से मना किया गया है। मीडियाकर्मियों को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। मनोज कुमार पांडे ने अपना पहला चुनाव वर्ष 2000 में रायबरेली नगर पालिका परिषद से लड़ा था, जिसमें उन्हें जीत मिली थी। दोबारा चुनाव लड़ने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, समाजवादी पार्टी में रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 2012 में ऊंचाहार विधानसभा से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में मनोज कुमार पांडे ने प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की। उन्हें पहले राज्य मंत्री और फिर कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने उन्हें दोबारा सपा से टिकट दिया, जिसमें उन्होंने फिर से जीत दर्ज की। तीसरी बार, 2022 में भी सपा के सिंबल पर चुनाव लड़कर मनोज कुमार पांडे विजयी रहे। अखिलेश यादव ने उन्हें कुछ समय के लिए विधानसभा सदन में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में भी रखा था। हाल ही में मनोज कुमार पांडे ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। अब उन्हें मंत्री पद मिलने की प्रबल संभावना है।


