69 लाख का ड्राइविंग ट्रैक बदहाल:मधुबनी में नशेड़ियों-जुआरियों का बना अड्डा , 2 साल से नहीं हुआ यूज

69 लाख का ड्राइविंग ट्रैक बदहाल:मधुबनी में नशेड़ियों-जुआरियों का बना अड्डा , 2 साल से नहीं हुआ यूज

मधुबनी शहर के गंगा सागर चौक स्थित परिवहन विभाग द्वारा करीब दो साल पहले 69 लाख रुपए की लागत से निर्मित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बदहाल स्थिति में है। यह ट्रैक आज तक उपयोग में नहीं लाया जा सका है और अब नशेड़ियों व जुआरियों का अड्डा बन गया है। वाहन चालकों की ड्राइविंग परीक्षा को आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से बनाए गए। इस ट्रैक का उपयोग शुरू न होने के कारण यह महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है। ट्रैक परिसर में चारों ओर गंदगी और कूड़ा-कचरे का अंबार लगा हुआ है। सरकारी राशि का हो रहा दुरुपयोग लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, जिससे इसकी स्थिति और खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण लाखों रुपए की लागत से बना यह ट्रैक बेकार साबित हो रहा है, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में जिला परिवहन विभाग के अधिकारी राम बाबू ने बताया कि ट्रैक के चारों ओर सुरक्षा दीवार नहीं बनने के कारण वाहन चालकों का प्रशिक्षण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। उन्होंने जानकारी दी कि सुरक्षा दीवार बनाने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। मधुबनी शहर के गंगा सागर चौक स्थित परिवहन विभाग द्वारा करीब दो साल पहले 69 लाख रुपए की लागत से निर्मित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बदहाल स्थिति में है। यह ट्रैक आज तक उपयोग में नहीं लाया जा सका है और अब नशेड़ियों व जुआरियों का अड्डा बन गया है। वाहन चालकों की ड्राइविंग परीक्षा को आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के उद्देश्य से बनाए गए। इस ट्रैक का उपयोग शुरू न होने के कारण यह महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है। ट्रैक परिसर में चारों ओर गंदगी और कूड़ा-कचरे का अंबार लगा हुआ है। सरकारी राशि का हो रहा दुरुपयोग लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण परिसर में झाड़ियां उग आई हैं, जिससे इसकी स्थिति और खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण लाखों रुपए की लागत से बना यह ट्रैक बेकार साबित हो रहा है, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में जिला परिवहन विभाग के अधिकारी राम बाबू ने बताया कि ट्रैक के चारों ओर सुरक्षा दीवार नहीं बनने के कारण वाहन चालकों का प्रशिक्षण कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। उन्होंने जानकारी दी कि सुरक्षा दीवार बनाने के लिए प्रस्ताव दिया गया है।  

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