MBBS छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक का सुसाइड:पत्नी ने कहा- पुलिस घंटों थाने में बैठाती थी, छात्रा के परिजन झूठे केस में फंसाने की धमकी देते

MBBS छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक का सुसाइड:पत्नी ने कहा- पुलिस घंटों थाने में बैठाती थी, छात्रा के परिजन झूठे केस में फंसाने की धमकी देते

भोपाल के कोहेफिजा इलाके में एमबीबीएस छात्रा की आत्महत्या के तीन महीने बाद उसी मकान के मालिक ने भी शनिवार देर रात आत्महत्या कर ली। मकान मालिक की खुदकुशी के बाद उसकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्रा के परिजन लगातार पति को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। साथ ही पुलिस भी आए दिन बयानों के नाम पर उन्हें थाने बुलाकर घंटों बैठाकर रखती थी। इन तमाम हरकतों के चलते वह डिप्रेशन में आ गए थे और उन्होंने सुसाइड कर लिया। पत्नी का यह भी कहना है कि सुसाइड से पहले उनके पति ने कई बार रोशनी के परिवार और पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी। फरवरी में की थी छात्रा ने आत्महत्या गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 साल की छात्रा ने फरवरी में आत्महत्या की थी। उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने शनिवार देर रात अपने घर में आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते विजय राठौर डिप्रेशन में थे, इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या की। छात्रा ने जहरीला पदार्थ खाया था कोहेफिजा स्थित किराए के मकान में 9-10 फरवरी की दरमियानी रात छात्रा रोशनी ने आत्महत्या कर ली थी। मौत के बाद मेडिकल छात्रों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पूरी रात कोहेफिजा थाने में धरना दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। अब इसी मामले में मकान मालिक विजय राठौर की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विजय राठौर की पत्नी करुणा राठौर ने आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रा के परिजन उनके घर आए थे और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाकर लगातार दबाव बना रहे थे। रोशनी महज चार महीने पहले ही किराए से रहने आई थी और जांच में उसके मोबाइल से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने पढ़ाई के दबाव और एमबीबीएस की कठिन पढ़ाई का जिक्र करते हुए आत्महत्या की बात लिखी थी। बावजूद इसके उनके परिवार ने विजय और उन्हें बहुत प्रताड़ित किया, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगे और अंततः उन्होंने आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी ने छात्रा के परिजनों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पति पूरी तरह बेकसूर थे, फिर भी उन्हें मानसिक यातनाएं दी गईं, जिस वजह से उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। मृतक की बेटी फिलहाल बेंगलुरु में है, उसके आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एमबीबीएस छात्रा का शव बाथरूम में मिला था छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में मिला था और पास में एसिड की बोतल भी पड़ी थी। शुरुआती जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन बाद में मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में 17 फरवरी को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें रोशनी ने लिखा था- “सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई करना उससे भी कठिन है।” पुलिस के मुताबिक यह नोट मौत से कुछ घंटे पहले रात 1 से 1:30 बजे के बीच खुद को व्हाट्सएप किया गया था। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में बाथरूम में मिला MBBS छात्रा का शव भोपाल में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में पड़ा था। पास ही एसिड की बोतल भी मिली है। रोशनी ने पिछले साल ही अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। पूरी खबर पढ़ें…

भोपाल के कोहेफिजा इलाके में किराए के मकान में रहने वाली एमबीबीएस छात्र रोशनी क्लेश ने इसी साल फरवरी महीने में सुसाइड कर लिया था। छात्र की मौत के करीब 3 महीने बाद उसके मकान मालिक ने भी आत्महत्या कर ली है। मकान मालिक की खुदकुशी के बाद उसकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है छात्रा के परिजन लगातार पति पर झूठे केस में फसाने की धमकी दे रहे थे। पुलिस भी आए दिन बयानों के नाम पर उन्हें थाने बुलाकर घंटे तक बिठाकर रखती थी। इन तमाम हरकतों के चलते डिप्रेशन में आए पति ने सुसाइड किया है। सुसाइड से पहले पति ने कई बार रोशनी के परिवार और पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात उनसे कही थी
गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा ने फरवरी में आत्महत्या की थी, उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने शनिवार देर रात अपने घर में आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते विजय राठौर डिप्रेशन में थे. इसी वजह से उन्होंने मौत को गले लगा लिया है. MBBS स्टूडेंट ने जहरीला पदार्थ खाकर जानती थी कोहेफिजा स्थित किराए के मकान में 9-10 फरवरी की दरमियानी रात छात्रा रोशनी ने सुसाइड कर लिया था। मौत के बाद मेडिकल छात्रों और परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पूरी रात कोहेफिजा थाने में धरना दिया था। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया था। अब इसी मामले में मकान मालिक विजय राठौर की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विजय राठौर की पत्नी करुणा राठौर ने आरोप लगाते हुए कहा, ” छात्रा के परिजन हमारे घर आए थे और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाकर लगातार दबाव बना रहे थे। रोशनी महज चार महीने पहले ही किराए से रहने आई थी और जांच में उसके मोबाइल से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उसने पढ़ाई के दबाव और एमबीबीएस की कठिन पढ़ाई का जिक्र करते हुए आत्महत्या की बात लिखी थी। बावजूद इसके उनके परिवार ने विजय और हमें बहुत प्रताड़ित किया, जिससे वे मानसिक तनाव में रहने लगे थे और आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी ने छात्रा के परिजनों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पति पूरी तरह बेकसूर थे फिर भी उनको मानसिक यातनाएं दी गईं जिस वजह से उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया, ” मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। मृतक की बेटी फिलहाल बेंगलुरु में है, उसके आने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। MBBS छात्रा का शव बाथरूम में मिला था छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में मिला था और पास में एसिड की बोतल भी पड़ी थी। शुरुआती जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन बाद में मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में 17 फरवरी को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें रोशनी ने लिखा था सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई करना उससे भी कठिन है। पुलिस के मुताबिक यह नोट मौत से कुछ घंटे पहले रात 1 से 1:30 बजे के बीच खुद को व्हाट्सएप किया गया था।

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