पूर्णिया में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का विरोध:कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी, जिलाध्यक्ष बोले- युवाओं की आवाज दबा रही सरकार

पूर्णिया में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का विरोध:कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी, जिलाध्यक्ष बोले- युवाओं की आवाज दबा रही सरकार

शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। पूर्णिया में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार जमकर हमला बोला, साथ ही पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का कहना है कि सरकार अब नौकरी मांग रहे युवाओं की आवाज भी लाठी के दम पर दबाने लगी है। पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुमार आदित्य ने कहा कि पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ जो हुआ, उसने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया। शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से बहाली की मांग कर रहे हैं। टीईटी और एसटीईटी पास हजारों युवा नौकरी के इंतजार में वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में दो लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं, इसके बावजूद बहाली प्रक्रिया तेज नहीं की जा रही। लाठीचार्ज में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। किसी का सिर फट गया तो किसी के हाथ-पैर टूट गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नौकरी मांगना कोई अपराध नहीं है और सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए थी। उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुमार आदित्य ने आगे कहा कि शुक्रवार को जब शिक्षक अभ्यर्थी अपना हक मांगने पटना पहुंचे, तो पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना का जेपी गोलंबर जलियांवाला बाग जैसी तस्वीर पेश कर रहा था। उनके मुताबिक सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही संकट में है। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार नई बहाली निकालने के बजाय आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की लड़ाई है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही जल्द से जल्द शिक्षक बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए। ताकि अभ्यर्थियों को राहत मिल सके। चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी पूरे बिहार में आंदोलन करेगी। सड़क से लेकर सदन तक विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। पार्टी ने यह भी कहा कि वह शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। पूर्णिया में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार सरकार जमकर हमला बोला, साथ ही पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस का कहना है कि सरकार अब नौकरी मांग रहे युवाओं की आवाज भी लाठी के दम पर दबाने लगी है। पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुमार आदित्य ने कहा कि पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ जो हुआ, उसने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया। शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से बहाली की मांग कर रहे हैं। टीईटी और एसटीईटी पास हजारों युवा नौकरी के इंतजार में वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में दो लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं, इसके बावजूद बहाली प्रक्रिया तेज नहीं की जा रही। लाठीचार्ज में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। किसी का सिर फट गया तो किसी के हाथ-पैर टूट गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नौकरी मांगना कोई अपराध नहीं है और सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए थी। उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुमार आदित्य ने आगे कहा कि शुक्रवार को जब शिक्षक अभ्यर्थी अपना हक मांगने पटना पहुंचे, तो पुलिस ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना का जेपी गोलंबर जलियांवाला बाग जैसी तस्वीर पेश कर रहा था। उनके मुताबिक सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बिहार की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही संकट में है। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार नई बहाली निकालने के बजाय आंदोलन कर रहे युवाओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की लड़ाई है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही जल्द से जल्द शिक्षक बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए। ताकि अभ्यर्थियों को राहत मिल सके। चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी पूरे बिहार में आंदोलन करेगी। सड़क से लेकर सदन तक विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। पार्टी ने यह भी कहा कि वह शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।  

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