Vikas Lavande Ink Attack Pune: महाराष्ट्र के पुणे जिले में राजनीतिक सरगर्मी के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर जानलेवा हमले और स्याही फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे हवेली तहसील के आळंदी मातोबाची में उस समय हुई, जब लवांडे एक प्रवचन कार्यक्रम समाप्त कर लौट रहे थे।
पिस्तौल दिखाकर दी धमकी
विकास लवांडे ने आरोप लगाया कि कीर्तनकार संग्राम भंडारे और उनके साथ आए 10 से 15 “गुंडा गोरक्षकों” ने उनकी गाड़ी रोकी, उनके ऊपर स्याही फेंकी, धक्का-मुक्की की और उन्हें पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। लवांडे ने कहा कि जब लोग जमा होने लगे, तो हमलावर मौके से फरार हो गए। उन्होंने लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन के सामने सत्याग्रह शुरू कर दिया है और मांग की है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे वहां से नहीं हटेंगे।
भंडारे ने साझा किया वीडियो, दी सफाई
दूसरी ओर, आरोपी कीर्तनकार संग्राम भंडारे ने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से घटना का वीडियो साझा किया है। वीडियो में भंडारे और उनके साथी लवांडे के साथ बहस करते और उन पर बोतल से स्याही फेंकते नजर आ रहे हैं। भंडारे ने मीडिया से कहा, “विकास लवांडे ने हमारे गुरुओं का अपमान किया और उन्हें घुसपैठिया कहा, इसलिए हमने उन पर स्याही फेंकी”। हालांकि, उन्होंने पिस्तौल दिखाने के आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस हमले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। दरअसल, शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने इसे ‘कायराना हमला’ बताया और आरोप लगाया कि वारकरी संप्रदाय में घुसपैठ करने वाले कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण लवांडे को निशाना बनाया गया है। उन्होंने लवांडे के लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
जितेंद्र आव्हाड और अमोल मिटकरी ने की निंदा
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जितेंद्र आव्हाड और अमोल मिटकरी ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है, जहां मिटकरी ने इसे वारकरी धर्म और नैतिकता के विरुद्ध बताया। शिवसेना (UBT) नेता सुषमा अंधारे ने विकास लवांडे का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने पाखंडी लोगों का नकाब उतारने का साहसी काम किया है, जबकि इसके विपरीत विधायक संग्राम जगताप और भाजपा नेता नितेश राणे ने इस कार्रवाई को सही ठहराया है। वर्तमान में पुणे पुलिस वायरल वीडियो और लवांडे के आरोपों के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की गहन जांच कर रही है।


