भिवानी में शुक्रवार रात को कूड़ा उठान को लेकर हंगामा हो गया। जहां प्रशासन ने रात के समय शहर में फैले कचरे को उठाने का प्रयास किया तो उसका नगर परिषद कर्मचारियों ने विरोध किया। उनके समर्थन में फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी पहुंचे और कर्मचारियों ने रात को नगर परिषद कार्यालय के बाहर विरोध स्वरूप जमकर नारेबाजी की। इधर, लोग शहर में बढ़ती कूड़े की समस्या को देखते हुए लोग खुद ही सफाई के लिए जुट गए हैं। कुछ ऐसा ही नजारा भिवानी के नगर सुधार मंडल में देखने को मिला। जहां पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट एसोसिएशन के प्रधान महावीर जांगड़ा ने खुद ही दुकानदारों के साथ सफाई का जिम्मा लिया। प्रधान महावीर जांगड़ा ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसके कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। ऐसा ही हाल नगर सुधार मंडल का है। इसलिए उन्होंने फैसला लिया कि वे दुकानदारों के साथ मिलकर सफाई करेंगे। जिसके बाद उन्हें दुकानदारों का भी साथ मिला। वहीं दुकानदारों के साथ सफाई की और मार्केट के कूड़े को इकट्ठा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार हड़ताल पर चल रहे नगर परिषद के कर्मचारियों से बातचीत करके उनकी जायज मांगों को पूरा करके हड़ताल को समाप्त करवाए। ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो और कूड़े का उठान समय पर हो सके। कूड़ा उठान की सूचना पर पहुंचे कर्मचारी
नगर परिषद कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके कूड़े का उठान करवाया जा रहा है। जबकि कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा। इसकी सूचना पर सभी कर्मचारी नगर परिषद में पहुंचे और प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि उनकी मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। अब 11 मई तक हड़ताल बढ़ा दी है। उनकी मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेका प्रथा बंद की जाए। हरियाणा सचिवालय में जो ग्रुप-डी के कर्मचारियों की लिस्ट मांगी गई है, उसमें सफाई कर्मचारी और सीवरमैन को बाहर रखा है। इनको भी ग्रुप-डी में शामिल किया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। हरियाणा में आबादी के हिसाब से भर्ती की जाए। मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी।


