मधुबनी DM ने किया जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन:सुनी आमजनों की समस्याएं, सेवा-संवाद-समाधान प्रणाली के तहत त्वरित निवारण के निर्देश

मधुबनी DM ने किया जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन:सुनी आमजनों की समस्याएं, सेवा-संवाद-समाधान प्रणाली के तहत त्वरित निवारण के निर्देश

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में ‘‘सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली’’ के तहत जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में आमजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। शाहपुर, प्रखंड पंडौल निवासी बद्रीनारायण झा ने जमीन विवाद के निपटारे के संबंध में आवेदन दिया। वहीं, ग्राम पोखरशाम, पोस्ट सलेमपुर की गुड़िया देवी ने ओरियन सिक्योर कंपनी द्वारा पिछले दो वर्षों से मानदेय भुगतान न किए जाने की शिकायत की। इसी तरह, भवानी नगर कॉलोनी, भच्छी निवासी संजू देवी ने मौजा भौंआरा अंतर्गत खाता संख्या 22, खेसरा संख्या 3 की पुरानी जमीन पर जाने के लिए रास्ता दिलवाने का अनुरोध किया। बिस्फी प्रखंड की ग्राम पंचायत जफरा निवासी भोगेंद्र प्रसाद ने पंचायत जफरा के राजस्व हाट की निविदा को पंचायत से प्रखंड स्तर पर करवाने से संबंधित आवेदन दिया। सुखेत पंचायत, थाना झंझारपुर के तपसी यादव ने सरकारी रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, मधेपुर प्रखंड, मधुबनी निवासी फुलझरिया देवी ने वासगीत पर्चा मिलने के बावजूद जमीन प्राप्त न होने की शिकायत दर्ज कराई। इन व्यक्तिगत शिकायतों के अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। उल्लेखनीय है कि ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने बारी-बारी से सभी आवेदकों की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में ‘‘सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली’’ के तहत जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में आमजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। साथ ही, इसका लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने अपनी-अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। शाहपुर, प्रखंड पंडौल निवासी बद्रीनारायण झा ने जमीन विवाद के निपटारे के संबंध में आवेदन दिया। वहीं, ग्राम पोखरशाम, पोस्ट सलेमपुर की गुड़िया देवी ने ओरियन सिक्योर कंपनी द्वारा पिछले दो वर्षों से मानदेय भुगतान न किए जाने की शिकायत की। इसी तरह, भवानी नगर कॉलोनी, भच्छी निवासी संजू देवी ने मौजा भौंआरा अंतर्गत खाता संख्या 22, खेसरा संख्या 3 की पुरानी जमीन पर जाने के लिए रास्ता दिलवाने का अनुरोध किया। बिस्फी प्रखंड की ग्राम पंचायत जफरा निवासी भोगेंद्र प्रसाद ने पंचायत जफरा के राजस्व हाट की निविदा को पंचायत से प्रखंड स्तर पर करवाने से संबंधित आवेदन दिया। सुखेत पंचायत, थाना झंझारपुर के तपसी यादव ने सरकारी रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, मधेपुर प्रखंड, मधुबनी निवासी फुलझरिया देवी ने वासगीत पर्चा मिलने के बावजूद जमीन प्राप्त न होने की शिकायत दर्ज कराई। इन व्यक्तिगत शिकायतों के अतिरिक्त, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। उल्लेखनीय है कि ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने बारी-बारी से सभी आवेदकों की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।  

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