Hyderabad Heartfulness International School: शहर की भीड़भाड़ और कंक्रीट की इमारतों के बीच हैदराबाद का एक स्कूल शिक्षा और प्रकृति के तालमेल की बेहतरीन मिसाल पेश कर रहा है। पेंटास्पेस डिजाइन स्टूडियो द्वारा डिजाइन किया गया हार्टफुलनेस इंटरनेशनल स्कूल पूरी तरह से सोलर पावर से चलता है। इस स्कूल की सबसे खास बात यह है कि इसे एक जीते जागते जंगल के बीच बनाया गया है जो स्कूल के स्टूडेंट्स के साथ-साथ बढ़ता और पनपता है।

जंगल के बीच बना ग्रीन कैंपस
आमतौर पर इमारतों के बनने के बाद वहां पौधे लगाए जाते हैं लेकिन इस स्कूल में ऐसा नहीं है। इस स्कूल में डिजाइन की शुरुआत ही प्रकृति को ध्यान में रखकर की गई। पूरे कैंपस को पेड़-पौधों और हरियाली के साथ विकसित किया गया है। वर्टिकल प्लांटिंग सिस्टम के जरिए केबल के स्ट्रक्चर पर हरी दीवारें तैयार की गई हैं, जो समय के साथ और घनी होती जाती हैं। ये दीवारें स्कूल को ठंडी छाया देने के साथ साथ वहां की हवा को भी प्राकृतिक रूप से फिल्टर करती हैं।
खुला आंगन और नेचुरल वेंटिलेशन
स्कूल के बिल्कुल बीच में एक बड़ा और खुला आंगन बनाया गया है, जो दोनों तरफ की कक्षाओं को आपस में जोड़ता है। यह खुला हिस्सा बच्चों को खेलने और आपस में बातचीत करने की जगह भी देता है। इसके साथ ही खुले डिजाइन की वजह से पूरे कैंपस में ताजी हवा का फ्लो बना रहता है जिससे बच्चों को घुटन महसूस नहीं होती।

बिना एसी के भी ठंडा रहता है कैंपस
हैदराबाद की तेज गर्मी को देखते हुए इस स्कूल को खास पैसिव डिजाइन तकनीक से तैयार किया गया है। इसमें क्रॉस वेंटिलेशन की बेहतरीन व्यवस्था है। इसके अलावा छतों को बाहर की तरफ निकाला गया है और कंक्रीट की थर्मल कैपेसिटी का इस्तेमाल इस तरह किया गया है कि, स्कूल के अंदर का टेम्परेचर हमेशा सामान्य बना रहे। इस प्राकृतिक डिजाइन की वजह से स्कूल में एयर कंडीशनिंग या भारी भरकम कूलिंग सिस्टम की जरूरत लगभग खत्म हो जाती है।
प्रकृति और भविष्य के लिए मिसाल
तेजी से गर्म होती दुनिया और बदलते मौसम के बीच हार्टफुलनेस इंटरनेशनल स्कूल यह दिखाता है कि, हमारे भविष्य के स्कूल कैसे होने चाहिए। यह स्कूल हमारे लिए एक उदाहरण है कि हमें प्रकृति के खिलाफ जाने के बजाय उसके साथ मिलकर काम करना चाहिए। यहां पढ़ने वाले बच्चे उसी प्रकृति के साथ बड़े हो रहे हैं जिसके बीच उनका यह सुंदर स्कूल बसा है।


