Akhilesh Yadav and Mamata Banerjee Meeting: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से कोलकाता में मुलाकात की। इस दौरान TMC के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) भी मौजूद रहे।
इस मुलाकात को विपक्षी राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
पहले टली थी कोलकाता यात्रा
जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव पहले 5 मई को कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन उस समय ममता बनर्जी ने उन्हें आने से मना कर दिया था। इसके बाद कार्यक्रम में बदलाव किया गया।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव कोलकाता पहुंचे हों। इससे पहले भी वह जनवरी महीने में बंगाल गए थे, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने प्रचार अभियान में हिस्सा नहीं लिया था, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं।
INDIA गठबंधन की राजनीति पर नजर
इस मुलाकात को INDIA गठबंधन के दो बड़े नेताओं के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। खासतौर पर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों दल भविष्य में साझा रणनीति पर काम कर सकते हैं।
‘बंगाल में BJP ने किया ट्रायल’ : अखिलेश यादव
कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव को काफी करीब से देखा है और यहां जिस तरह की राजनीतिक भाषा और रणनीति का इस्तेमाल किया गया, वह चौंकाने वाला था। अखिलेश यादव ने कहा, “BJP ने बंगाल में जो किया, उत्तर प्रदेश में उससे कम किया था। बंगाल में उसका ट्रायल किया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कार्यशैली से अराजकता का माहौल पैदा होता है और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होती है।
सुरक्षा बलों को लेकर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने चुनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद कहा गया था कि केंद्रीय सुरक्षा बलों की कई कंपनियां पश्चिम बंगाल में तैनात रहेंगी और कानून व्यवस्था संभालेंगी। अखिलेश यादव ने सवाल किया कि अब वे कंपनियां कहां हैं और उनकी भूमिका क्या रही। उन्होंने इशारों में भाजपा और केंद्र सरकार की चुनावी रणनीति पर निशाना साधा।
यूपी की राजनीति पर भी असर संभव
अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब देश में विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा पहले से ही सक्रिय है। ऐसे में टीएमसी और सपा के बीच बढ़ती नजदीकियां आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी गठबंधन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।


