कैमूर में भभुआ और मोहनिया न्यायालय परिसरों में 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कमर कस ली है। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विवेक कुमार ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया। यह जागरूकता रथ जिला मुख्यालय से रवाना होकर जिले के सभी प्रखंडों और सुदूर गांवों का भ्रमण करेगा। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष अनुराग के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सुगमता से न्याय दिलाना प्राधिकार के सचिव डॉ. शैल ने बताया कि इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सुगमता से न्याय दिलाना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से अपने मामलों का निपटारा कर समय और धन की बचत कर सकते हैं, साथ ही उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया से भी मुक्ति मिलती है। यह जागरूकता अभियान लगातार तीन दिनों तक चलेगा। रथ में तैनात पैरा वॉलेंटियर वर्कर सत्येंद्र सिंह और अरबिंद कुमार गांव-गांव जाकर लोगों को लोक अदालत के लाभों से अवगत कराएंगे। निपटारे के बाद मामले की कोई अपील नहीं होती उद्घाटन के अवसर पर जिला जज अजीत कुमार मिश्रा, विनय प्रकाश तिवारी, सुनील कुमार, योगेश शरण त्रिपाठी सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और प्राधिकार के कर्मी उपस्थित रहे। लोक अदालत में निपटारे के बाद मामले की कोई अपील नहीं होती और कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। कैमूर में भभुआ और मोहनिया न्यायालय परिसरों में 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कमर कस ली है। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विवेक कुमार ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया। यह जागरूकता रथ जिला मुख्यालय से रवाना होकर जिले के सभी प्रखंडों और सुदूर गांवों का भ्रमण करेगा। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष अनुराग के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सुगमता से न्याय दिलाना प्राधिकार के सचिव डॉ. शैल ने बताया कि इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सुगमता से न्याय दिलाना है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से अपने मामलों का निपटारा कर समय और धन की बचत कर सकते हैं, साथ ही उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया से भी मुक्ति मिलती है। यह जागरूकता अभियान लगातार तीन दिनों तक चलेगा। रथ में तैनात पैरा वॉलेंटियर वर्कर सत्येंद्र सिंह और अरबिंद कुमार गांव-गांव जाकर लोगों को लोक अदालत के लाभों से अवगत कराएंगे। निपटारे के बाद मामले की कोई अपील नहीं होती उद्घाटन के अवसर पर जिला जज अजीत कुमार मिश्रा, विनय प्रकाश तिवारी, सुनील कुमार, योगेश शरण त्रिपाठी सहित कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और प्राधिकार के कर्मी उपस्थित रहे। लोक अदालत में निपटारे के बाद मामले की कोई अपील नहीं होती और कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।


