समस्तीपुर के ताजपुर, मोरवा और खानपुर में इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होगा। इसके लिए तीनों प्रखंडों में 1300 एकड़ जमीन को चिन्हित कर सरकार के उद्योग मंत्रालय को एक रिपोर्ट भेजी गई है। जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर मुहर लगती है तो तीनों प्रखंडों में उद्योग धंधे का विकास होगा। इसका लाभ आसपास के गांव के लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोग रोजगार विकसित कर रोजीरोटी कमा सकेंगे। इस एरिया से पलायन भी रुकेगा। इंडस्ट्रियल एरिया में यातायात की सुविधा सुलभ हो इसके लिए तीनों प्रखंडों में जगह का चयन औरंगाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस-वे के पास की जमीन का चयन किया गया है। ताकि कारोबारियों को माल लाने और भेजने में कभी दिक्कत न हो। जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया विकास को लेकर एक रिपोर्ट सरकार के पास भेजी गई, जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है। सरकार की मंजूरी के साथ ही इस इलाके में काम शुरू किया जाएगा। सिक्सलेन के पास विकसित होगा इंडस्ट्रियल एरिया सरकार के पास भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार औरंगाबाद-दरभंगा सिक्सलेन के मोरवा प्रखंड के हरपुर भिंडी गांव के पास इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए 450 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। इसके अलावा ताजपुर में उदयपुर चौर में सीमेंट फैक्ट्री के पास 450 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। वहीं खानपुर में भी सिक्सलेन के पास 400 एकड़ जमीन चिन्हित कर इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। फिलहाल इसमें कितने रूपए का खर्च होगा, ये तय नहीं हुआ है। हालांकि अधिकारियों का बताना है कि औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। सरकार की कोशिश है कि इन परियोजनाओं के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार, निवेशकों को अवसर, और प्रदेश को विकास की नई दिशा दी जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोका जा सके। औद्योगिक पार्क बनने से रोजगार के मिलेंगे अवसर समस्तीपुर में औद्योगिक पार्क बनने के बाद क्षेत्र के विकास से कई फायदा होगा। स्थानीय लोगों के लिये बढ़ेगें। यहां बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। औरंगाबाद-ताजपुर एक्सप्रेस वे से जुड़ने से लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्टेशन को फायदा होगा। राज्य का व्यापार और निर्यात मजबूत होगा, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। मल्टी उद्योग का भी लगेगा यूनिट भूमि अधिग्रहण की प्रकिया शुरू होने के बाद बियाडा उन जमीनों को अपने क्षेत्राधिकार में लेगी। उसके बाद यहां मल्टी उद्योग यूनिट के तहत अंबुजा कन्क्रीट नार्थ प्राइवेट लिमिटेड , निफ्टोंन फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ,सोनू नेन्सी एग्रो प्राइवेट लिमिटेड सहित कई मल्टी कम्पनियां यूनिट लगाएगी। सरकार की मुहर के साथ ही किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिलेगा। सीनियर पत्रकार यशवंत पांडेय बताते हैं कि यह परियोजना समस्तीपुर के साथ ही बिहार के औद्योगिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इंडस्ट्रियल पार्क को लेकर समस्तीपुर समेत बिहार के औद्योगिक नक्शे में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। इन प्रयासों से राज्य में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, और ग्रामीण-शहरी संतुलन को नया बल मिलेगा। समस्तीपुर के ताजपुर, मोरवा और खानपुर में इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होगा। इसके लिए तीनों प्रखंडों में 1300 एकड़ जमीन को चिन्हित कर सरकार के उद्योग मंत्रालय को एक रिपोर्ट भेजी गई है। जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर मुहर लगती है तो तीनों प्रखंडों में उद्योग धंधे का विकास होगा। इसका लाभ आसपास के गांव के लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोग रोजगार विकसित कर रोजीरोटी कमा सकेंगे। इस एरिया से पलायन भी रुकेगा। इंडस्ट्रियल एरिया में यातायात की सुविधा सुलभ हो इसके लिए तीनों प्रखंडों में जगह का चयन औरंगाबाद-दरभंगा एक्सप्रेस-वे के पास की जमीन का चयन किया गया है। ताकि कारोबारियों को माल लाने और भेजने में कभी दिक्कत न हो। जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक विवेक कुमार ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया विकास को लेकर एक रिपोर्ट सरकार के पास भेजी गई, जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है। सरकार की मंजूरी के साथ ही इस इलाके में काम शुरू किया जाएगा। सिक्सलेन के पास विकसित होगा इंडस्ट्रियल एरिया सरकार के पास भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार औरंगाबाद-दरभंगा सिक्सलेन के मोरवा प्रखंड के हरपुर भिंडी गांव के पास इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए 450 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। इसके अलावा ताजपुर में उदयपुर चौर में सीमेंट फैक्ट्री के पास 450 एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। वहीं खानपुर में भी सिक्सलेन के पास 400 एकड़ जमीन चिन्हित कर इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। फिलहाल इसमें कितने रूपए का खर्च होगा, ये तय नहीं हुआ है। हालांकि अधिकारियों का बताना है कि औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। सरकार की कोशिश है कि इन परियोजनाओं के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार, निवेशकों को अवसर, और प्रदेश को विकास की नई दिशा दी जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोका जा सके। औद्योगिक पार्क बनने से रोजगार के मिलेंगे अवसर समस्तीपुर में औद्योगिक पार्क बनने के बाद क्षेत्र के विकास से कई फायदा होगा। स्थानीय लोगों के लिये बढ़ेगें। यहां बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। औरंगाबाद-ताजपुर एक्सप्रेस वे से जुड़ने से लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्टेशन को फायदा होगा। राज्य का व्यापार और निर्यात मजबूत होगा, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। मल्टी उद्योग का भी लगेगा यूनिट भूमि अधिग्रहण की प्रकिया शुरू होने के बाद बियाडा उन जमीनों को अपने क्षेत्राधिकार में लेगी। उसके बाद यहां मल्टी उद्योग यूनिट के तहत अंबुजा कन्क्रीट नार्थ प्राइवेट लिमिटेड , निफ्टोंन फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ,सोनू नेन्सी एग्रो प्राइवेट लिमिटेड सहित कई मल्टी कम्पनियां यूनिट लगाएगी। सरकार की मुहर के साथ ही किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिलेगा। सीनियर पत्रकार यशवंत पांडेय बताते हैं कि यह परियोजना समस्तीपुर के साथ ही बिहार के औद्योगिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इंडस्ट्रियल पार्क को लेकर समस्तीपुर समेत बिहार के औद्योगिक नक्शे में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। इन प्रयासों से राज्य में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, और ग्रामीण-शहरी संतुलन को नया बल मिलेगा।


